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नेपाल चुनाव परिणाम 2026: बालेन शाह की आरएसपी की शानदार और अभूतपूर्व जीत!

नेपाल चुनाव परिणाम 2026: बालेन शाह की आरएसपी की शानदार और अभूतपूर्व जीत!
नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी (आरएसपी) के प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह ने गुरुवार, 5 मार्च, 2026 को नेपाल के काठमांडू में आम चुनाव में अपना वोट डाला। फोटो साभार: पीटीआई

 

प्रकाशित – 07 मार्च, 2026 प्रातः 08:47 बजे IST

नेपाल चुनाव परिणाम 2026 ने हिमालयी राष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह (बालेन शाह) की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) शनिवार (7 मार्च, 2026) को भारी जीत की ओर बढ़ रही है। इस शानदार प्रदर्शन ने राजनीतिक रूप से नाजुक इस देश में स्थापित राजनीतिक दलों के दशकों पुराने वर्चस्व को पूरी तरह से तोड़ दिया है।

यह चुनाव एक अभूतपूर्व जन-आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ है, जहां जेन जेड (Gen Z) के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया।

नेपाल चुनाव परिणाम 2026: आरएसपी ने हासिल की भारी बढ़त

चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने अब तक 18 सीटें जीत ली हैं और 99 अन्य सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। यह परिणाम न केवल नेपाल के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक चौंकाने वाला राजनीतिक बदलाव है।

  • नेपाली कांग्रेस: चार सीटें जीती हैं और 11 अन्य पर आगे चल रही है।
  • सीपीएन-यूएमएल: केवल एक सीट जीती है और 11 सीटों पर आगे है।
  • नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी: दो सीटें जीत चुकी है और 10 पर बढ़त बनाए हुए है।
  • श्रम संस्कृत पार्टी: अपनी पिछली छह सीटों की तुलना में अब सिर्फ तीन सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।

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जेन जेड (Gen Z) का प्रभाव और नेपाल चुनाव परिणाम 2026

इस ऐतिहासिक जनादेश की नींव पिछले साल 8 और 9 सितंबर को पड़े दो दिवसीय हिंसक युवा विरोध प्रदर्शनों के दौरान रखी गई थी। नेपाली कांग्रेस के समर्थन से लगभग दो-तिहाई बहुमत वाली गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे तत्कालीन प्रधान मंत्री के.पी. शर्मा ओली को जेन जेड युवाओं ने सत्ता से बाहर कर दिया था।

इस उथल-पुथल के बाद, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधान मंत्री नियुक्त किया। युवाओं के इस आंदोलन के मुख्य मुद्दे स्पष्ट थे: भ्रष्टाचार का खात्मा, सुशासन, भाई-भतीजावाद का अंत और राजनीतिक नेतृत्व में एक पीढ़ीगत परिवर्तन। बालेंद्र शाह की आरएसपी ने इन मुद्दों को सफलतापूर्वक भुनाया है।

संसदीय ढांचा और मतदान प्रतिशत

नेपाल की संसद में कुल 275 सदस्य हैं। इनमें से 165 प्रत्यक्ष मतदान (First-past-the-post) के माध्यम से चुने जाते हैं, जबकि शेष 110 आनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional representation) के आधार पर चुने जाते हैं।

नेपाल चुनाव में लगभग 18.9 मिलियन (1 करोड़ 89 लाख) पात्र मतदाता थे। गुरुवार (5 मार्च 2026) को हुए मतदान में लगभग 60% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रत्यक्ष मतदान के तहत 165 सीटों के लिए 3,400 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि आनुपातिक मतदान के लिए 3,135 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।

भारत का रुख और नेपाल चुनाव परिणाम 2026 के मायने

इस राजनीतिक उथल-पुथल पर नई दिल्ली की पैनी नजर है। भारत अपने पड़ोसी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने 5 मार्च को नई दिल्ली में एक बयान में कहा, “हम आपसी लाभ के लिए हमारे दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।”

भारत ने नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का हमेशा समर्थन किया है। अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, भारत ने इन चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध पर महत्वपूर्ण उपकरण भी मुहैया कराए थे। अब, आरएसपी की संभावित सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

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