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नई उम्मीद: अल्जाइमर और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं के बीच महत्वपूर्ण संबंध की खोज

अध्ययन में मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में होने वाले परिवर्तनों का संबंध अल्ज़ाइमर रोग से जोड़ा गया है

मेयो क्लिनिक और उनके सहयोगी शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण अध्ययन में पाया है कि मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) में होने वाले बदलावों का अल्जाइमर रोग से गहरा नाता है। नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित इस शोध में वैज्ञानिकों ने ‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’ के कमजोर होने से जुड़े विशिष्ट आणविक मार्करों (Molecular Markers) की पहचान की है। यह खोज इस बीमारी के निदान और इलाज के तरीकों में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

मेयो क्लिनिक फ्लोरिडा में न्यूरोसाइंस विभाग की अध्यक्ष और वरिष्ठ लेखिका डॉ. निलुफर एर्टेकिन-टेनर का कहना है, “हमने जिन संकेतों की पहचान की है, उनमें अल्जाइमर रोग के दौरान मस्तिष्क में होने वाले बदलावों को पकड़ने वाले नए ‘बायोमार्कर’ बनने की पूरी क्षमता है।”

शोध कैसे किया गया?

यह अल्जाइमर रोग में ब्लड-ब्रेन बैरियर पर किया गया अब तक का सबसे गहन और विस्तृत अध्ययन माना जा रहा है।

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कोशिकाओं का खेल: पेरीसाइट्स और एस्ट्रोसाइट्स

वैज्ञानिकों का मुख्य फोकस मस्तिष्क की संवहनी कोशिकाओं पर था। उन्होंने विशेष रूप से दो तरह की कोशिकाओं की जांच की:

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  1. पेरीसाइट्स (Pericytes): इन्हें मस्तिष्क का ‘द्वारपाल’ कहा जाता है, जो रक्त वाहिकाओं को मजबूत रखते हैं।

  2. एस्ट्रोसाइट्स (Astrocytes): ये सहायक कोशिकाएं हैं।

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शोध का उद्देश्य यह समझना था कि ये दोनों कोशिकाएं आपस में कैसे बात करती हैं और अल्जाइमर में इनका तालमेल कैसे बिगड़ जाता है।

VEGFA और SMAD3 का असंतुलन

अध्ययन में एक दिलचस्प आणविक संबंध सामने आया:

  • अल्जाइमर के मरीजों में VEGFA (रक्त वाहिकाओं के विकास को बढ़ाने वाला अणु) और SMAD3 (कोशिका की प्रतिक्रिया तय करने वाला अणु) के बीच संचार बदल गया था।

  • जेब्राफिश और स्टेम सेल मॉडल के जरिए शोधकर्ताओं ने साबित किया कि जब VEGFA का स्तर बढ़ता है, तो मस्तिष्क में SMAD3 का स्तर गिर जाता है।

  • प्रयोगशाला में जब कोशिकाओं को VEGFA से ट्रीट किया गया, तो पेरीसाइट्स में SMAD3 कम हो गया, जो यह दर्शाता है कि ये अणु एक-दूसरे के विपरीत काम कर रहे हैं।

भविष्य के लिए संकेत

निष्कर्ष उत्साहजनक हैं। जिन डोनर्स (दाताओं) के रक्त में SMAD3 का स्तर उच्च था, उनकी रक्त वाहिकाओं को कम नुकसान पहुँचा था और अल्जाइमर से जुड़े परिणाम बेहतर थे।

हालांकि टीम का कहना है कि अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन यह खोज इशारा करती है कि भविष्य में रक्त में SMAD3 के स्तर की जाँच करके अल्जाइमर के जोखिम या उसकी स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

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