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भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप: क्वार्टर फाइनल के लिए करो या मरो का भयंकर महामुकाबला

 

प्रकाशित – 10 मार्च, 2026 प्रातः 03:52 बजे IST

भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप का आज का मुकाबला भारतीय महिला फुटबॉल टीम (‘ब्लू टाइग्रेसेस’) के लिए एक अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। मंगलवार (10 मार्च, 2026) को सिडनी में ग्रुप सी के इस अंतिम मैच में भारतीय टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए हर हाल में एक भयंकर और शानदार प्रदर्शन करना होगा। वियतनाम और जापान से मिली शुरुआती हार के बाद, यह मैच भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में बने रहने का आखिरी मौका है।

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भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप: क्वार्टर फाइनल के लिए जरूरी समीकरण

वर्तमान स्थिति में, भारतीय टीम ग्रुप सी में दो मैचों में बिना किसी अंक के सबसे निचले (चौथे) स्थान पर है। वियतनाम (1-2) और शक्तिशाली जापान (0-11) के खिलाफ निराशाजनक हार ने टीम को बैकफुट पर धकेल दिया है। ग्रुप में जापान छह अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ताइवान और वियतनाम तीन-तीन अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

भारत कैसे पहुँच सकता है क्वार्टर फाइनल में? (समीकरण)

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  • पहला परिदृश्य: भारत को आज ताइवान को कम से कम दो या उससे अधिक गोलों के अंतर से हराना होगा। इसके साथ ही, यह प्रार्थना करनी होगी कि इसी समय चल रहे दूसरे मैच में जापान वियतनाम को हरा दे।
  • दूसरा परिदृश्य: यदि सोमवार (9 मार्च) को खेला गया बांग्लादेश और उज्बेकिस्तान का मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ है, तो भारत के लिए ताइवान के खिलाफ एक गोल के अंतर से मिली जीत भी अगले दौर (दो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों के रूप में) का टिकट पक्का कर सकती है।

भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप

भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप: मुख्य कोच अमेलिया वाल्वरडे की रणनीति

भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप के इस दबाव भरे मैच से पहले, भारतीय टीम की मुख्य कोच अमेलिया वाल्वरडे ने स्पष्ट किया है कि टीम को पिछली कड़वी यादों को भुलाकर एक नई शुरुआत करनी होगी। उनके अनुसार, यह मुकाबला पूरी तरह से एक ‘वर्चुअल फाइनल’ (आभासी फाइनल) है।

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“वियतनाम और जापान के खिलाफ खेले गए दोनों मैच पूरी तरह अलग थे। अब हमें जितनी जल्दी हो सके पन्ने पलटने की जरूरत है। खिलाड़ियों का ध्यान पूरी तरह से केंद्रित है और हम अपने मौके भुनाने पर काम कर रहे हैं। वे महीनों से अपने देश के लिए इतिहास रचने के लिए पसीना बहा रही हैं। हम जानते हैं कि हमारे पास क्वालीफाई करने का एक स्पष्ट अवसर है और हम इसे हाथ से नहीं जाने देंगे।” – अमेलिया वाल्वरडे (मुख्य कोच, भारत)

भारत की स्टार मिडफील्डर शिल्की देवी हेमम ने भी कोच की बात का समर्थन करते हुए कहा, “हमने अपनी पिछली गलतियों से बहुत कुछ सीखा है। ताइवान के खिलाफ यह मैच हमारे लिए बेहद खास है और हमें इस बेहतरीन अवसर का हर हाल में लाभ उठाना होगा।”

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भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप: दोनों टीमों की मानसिकता और ताइवान की रक्षा पंक्ति

भारत बनाम ताइवान एएफसी महिला एशियाई कप के आज के मैच में रणनीति का बहुत बड़ा खेल होगा। कोच वाल्वरडे इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि ताइवान की टीम रक्षात्मक रूप से कितनी मजबूत है। उन्होंने बताया कि ताइवान ने जापान के खिलाफ बहुत ही चतुर और रक्षात्मक खेल खेला था। वाल्वरडे का मानना है कि यदि भारतीय टीम वियतनाम के खिलाफ खेले गए दूसरे हाफ जैसी आक्रामक फुटबॉल खेलती है, तो जीत निश्चित है। उन्हें एक ऐसी टीम बनना होगा जो गेंद को नियंत्रण में रखकर लगातार आक्रमण करे।

दूसरी ओर, ताइवान के लिए समीकरण बहुत सीधे हैं। नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए उनके लिए केवल एक ड्रॉ ही काफी है। हालांकि, ताइवान के मुख्य कोच प्रसोबचोक चोकेमोर अपनी टीम को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं।

“पिछले मैच की वापसी के बाद टीम आत्मविश्वास से लबरेज है, लेकिन मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अति आत्मविश्वासी न बनें। हालांकि हमारे पास ड्रॉ के साथ भी क्वालीफाई करने का शानदार मौका है, लेकिन हम मैदान पर केवल मैच जीतने के इरादे से उतरेंगे, न कि ड्रॉ खेलने के लिए।” – प्रसोबचोक चोकेमोर (मुख्य कोच, ताइवान)

आज सिडनी के मैदान पर यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या ‘ब्लू टाइग्रेसेस’ दबाव को झेलते हुए ताइवान की मजबूत दीवार को भेदने और इतिहास रचने में सफल हो पाती हैं या नहीं।

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