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टी20 विश्व कप 2026: वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के साथ इटली का सफर समाप्त

टी20 विश्व कप 2026: वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के साथ इटली का सफर समाप्त

टी20 विश्व कप: कप्तान हैरी मैनेंटी ने चेतावनी दी कि अवसरों के बिना इटली का ‘प्रक्षेप पथ’ रुक सकता है, कप्तान मैनेंटी ने अंतर्राष्ट्रीय मौकों की कमी पर जताई चिंता

कोलकाता (20 फरवरी, 2026): आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप सी के अपने अंतिम मुकाबले में इटली को वेस्टइंडीज के हाथों 42 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज करते हुए शान से ‘सुपर 8’ में प्रवेश कर लिया है। वहीं, इटली का इस विश्व कप का शानदार सफर इसी के साथ समाप्त हो गया।

हालांकि मैच का परिणाम इटली के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर जरूर खींचा है।


मैच का संक्षिप्त हाल और इटली का जुझारूपन

कोलकाता में गुरुवार (19 फरवरी) को खेले गए इस मुकाबले में एक समय वेस्टइंडीज की टीम 200 से अधिक के विशाल स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी। लेकिन इटली के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए कैरेबियाई टीम को 165/6 के स्कोर पर रोक दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली की टीम हालांकि बल्ले से वह कमाल नहीं दिखा सकी और 42 रनों से मैच गंवा बैठी।

“हम सही दिशा में हैं, लेकिन मौके नहीं मिले तो प्रगति रुक जाएगी”

मैच के बाद स्टैंड-इन कप्तान हैरी मैनेंटी ने अपनी निराशा तो नहीं छिपाई, लेकिन अपनी टीम के अब तक के सफर पर गर्व भी जताया। उन्होंने एसोसिएट (सहयोगी) देशों के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौती—नियमित अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों की कमी—पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

मैनेंटी ने कहा:

“हम इस समय विकास के एक बहुत ही शानदार पथ पर हैं। यह हमारे लिए जरूरी है कि हम इसी राह पर आगे बढ़ते रहें और उन अन्य टीमों की तरह पीछे न खिसकें जो अतीत में ऐसा कर चुकी हैं। अगर हमें इस स्तर पर नियमित क्रिकेट खेलने को नहीं मिलता है, तो न केवल हमारी, बल्कि अन्य एसोसिएट देशों की भी प्रगति यहीं रुक सकती है।”

उन्होंने आगे जोड़ा कि एसोसिएट देशों के लिए शीर्ष टीमों को चुनौती देना आसान नहीं है और यह रातों-रात नहीं बदलता।

18 महीनों में सिंथेटिक पिच से विश्व कप तक का सफर

इटली के लिए यह विश्व कप कई सुनहरी यादें लेकर आया। उन्होंने न केवल नेपाल को मात दी, बल्कि 202 रनों का बचाव करते हुए एक समय इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम की भी सांसें अटका दी थीं।

मैनेंटी ने पिछले 18 महीनों में इटली क्रिकेट के उल्लेखनीय उत्थान का जिक्र करते हुए कहा:

  • शुरुआती संघर्ष: 18 महीने पहले टीम क्रोएशिया, तुर्की और लक्ज़मबर्ग जैसी टीमों के खिलाफ सिंथेटिक पिचों पर खेल रही थी।

  • वर्तमान चुनौती: अब यही टीम इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी विश्व चैंपियन टीमों के खिलाफ आंख में आंख डालकर खेल रही है।

  • भविष्य की चिंता: इटली का अगला वनडे असाइनमेंट अगस्त में है, लेकिन अगला टी20 मैच संभवतः 2027 में होगा। मैनेंटी के अनुसार, यह लंबा अंतराल दर्शाता है कि एसोसिएट टीमों के लिए लय बरकरार रखना कितना मुश्किल है।

महत्वपूर्ण मौकों पर चूके: कोच जॉन डेविसन

इटली के मुख्य कोच जॉन डेविसन ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने कुछ अहम पलों में गलतियां कीं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “हमने शायद कुछ अतिरिक्त रन लुटा दिए। शाई होप को कुछ वाइड गेंदें फेंकी गईं और बल्लेबाजों की तरफ से भी हमें कोई लय नहीं मिल पाई। हमें किसी ऐसे बल्लेबाज की दरकार थी जो 60 से अधिक का स्कोर बना सके। ऐसा न हो पाना थोड़ा निराशाजनक रहा।”

भले ही इटली विश्व कप से बाहर हो गया हो, लेकिन उनके इस जुझारू प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि अगर उन्हें नियमित मौके मिलें, तो वे क्रिकेट के बड़े मंच पर उलटफेर करने का माद्दा रखते हैं।

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