धर्म

तुलसी पूजा: तुलसी के पौधे पर चुनरी चढ़ाना शुभ है या अशुभ? जान लें पूजा से जुड़े ये खास नियम, नहीं तो करेंगे बड़ी गलती

तुलसी पूजा: तुलसी के पौधे पर चुनरी चढ़ाना शुभ है या अशुभ? जान लें पूजा से जुड़े ये खास नियम, नहीं तो करेंगे बड़ी गलती
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को सिर्फ एक पौधा नहीं बल्कि देवी लक्ष्मी का साक्षात रूप माना जाता है। विशेषकर तुलसी को शालिग्राम की पत्नी के रूप में पूजा जाता है। तुलसी का विवाह शालिग्राम से किया जाता है। तुलसी की पूजा करना, जल चढ़ाना और उसकी परिक्रमा करना परंपरा से भी अधिक पुण्यदायी माना जाता है। इसी मान्यता के चलते कई भक्त तुलसी के पौधे को चुनरी ओढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना सही है या गलत। ऐसे में आज इस लेख के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि तुलसी को चुनरी ओढ़ाना सही है या गलत।

जानिए तुलसी को चुनरी चढ़ाना सही है या गलत

सनातन धर्म में किसी भी विवाहित स्त्री या देवी को ढकना सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करना माना जाता है। तुलसी को ‘माँ’ अथवा ‘वृन्दा देवी’ कहकर सम्बोधित किया जाता है। ऐसे में तुलसी को चुनरी ओढ़ाने का मतलब है कि आपको एक विवाहित देवी के रूप में उनका सम्मान और पूजा करनी है।

यह भी पढ़ें: 20 मार्च 2026 का प्रेम राशिफल | आज का प्रेम राशिफल 20 मार्च प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन?

हिंदू धर्म में तुलसी को भगवान श्री हरि विष्णु की पत्नी माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जहां तुलसी का पौधा होता है, वहां देवी लक्ष्मी भी वास करती हैं। देवी लक्ष्मी को वस्त्र अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, धन और समृद्धि आती है। तुलसी को चुनरी ओढ़ाने से पवित्रता और सुरक्षा का एहसास होता है।
तुलसी को चुनरी ओढ़ाना इस बात का भी प्रतीक है कि भक्त देवी मां की देखभाल कर रहे हैं और उनकी गरिमा बनाए रख रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में तुलसी के पौधे का संबंध सभी ग्रहों से माना जाता है, लेकिन इसका मुख्य संबंध बुध और बृहस्पति ग्रह से देखा जाता है। इन ग्रहों से संबंधित चुनरी तुलसी के पौधे पर ओढ़ाई जाती है।
बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए तुलसी को हरी चुनरी ओढ़ानी चाहिए। बृहस्पति की कृपा पाने के लिए तुलसी के पौधे को पीले रंग के कपड़े से ढंकना चाहिए। लेकिन चुनरी केवल महिलाएं ही चढ़ा सकती हैं।
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, जब भी किसी विवाहित महिला को सम्मान देने के लिए उसे वस्त्र या माला अर्पित की जाती है या पूजा के दौरान वस्त्र अर्पित किए जाते हैं, तो ऐसा केवल महिलाएं ही करती हैं। पुरुषों को ये अधिकार नहीं है.
धार्मिक दृष्टि से चुनरी चढ़ाना एक शुभ, शुद्ध एवं सर्वमान्य परंपरा है। अगर आप यह काम साफ मन और पूरी श्रद्धा से करेंगे तो इसका शुभ परिणाम जरूर मिलेगा। तुलसी को चुनरी चढ़ाने से जुड़े कुछ अन्य नियम भी हैं।
तुलसी को चुनरी चढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह नई, साफ और धुली हुई होनी चाहिए। फटी, पुरानी और गंदी चुनरी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। लाल, पीली और नारंगी रंग की चुनरी चढ़ाना शुभ माना जाता है। आप तुलसी को हरे रंग की चुनरी भी चढ़ा सकते हैं। सप्ताह में एक बार चुनरी अवश्य बदलनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!