राजस्थान

ब्रह्मबाद शीतला माता मेला: भरतपुर के इस अद्भुत मेले में ‘देसी मिक्सी’ की जबरदस्त धूम!

ब्रह्मबाद शीतला माता मेला इन दिनों भरतपुर जिले में पूरे जोश, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है। आधुनिकता की इस दौड़ में भी, यह मेला अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण वे हस्तनिर्मित पत्थर के सिल-बट्टे हैं, जिन्हें लोग प्यार से ‘देसी मिक्सी’ कह रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं आज भी स्वाद, शुद्धता और सेहत के लिए इन पत्थर पर पिसे मसालों को ही प्राथमिकता दे रही हैं।

ब्रह्मबाद शीतला माता मेला: आस्था और हस्तशिल्प का शानदार संगम

हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला भरतपुर क्षेत्र के सबसे बड़े और लोकप्रिय लोक मेलों में से एक है। इसकी अपनी एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। मेले में न सिर्फ आसपास के गांवों से, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी करने आ रहे हैं। इस मेले में कारीगरों द्वारा हाथ से तराशे गए पत्थर के ये सिल-बट्टे हस्तशिल्प और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रहे हैं।

ब्रह्मबाद शीतला माता मेला में कारीगरों का अद्भुत हुनर

इस बार ब्रह्मबाद शीतला माता मेला में बाहर से आए कारीगरों का हुनर लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। ये कुशल कारीगर बिल्कुल पारंपरिक तरीके से पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़ों को अपने हाथों से काटकर और घिसकर अलग-अलग आकार के सिल-बट्टे तैयार करते हैं। पत्थर तराशने की यह पूरी प्रक्रिया न केवल मेहनत मांगती है, बल्कि इसमें कारीगरों की बारीकी भी साफ नजर आती है। यह प्राचीन ‘देसी मिक्सी’ मजबूत और टिकाऊ होने के साथ-साथ देखने में भी बेहद आकर्षक है।

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ब्रह्मबाद शीतला माता मेला: भरतपुर के इस अद्भुत मेले में 'देसी मिक्सी' की जबरदस्त धूम!

क्यों खास है ब्रह्मबाद शीतला माता मेला की यह ‘देसी मिक्सी’?

मेले में ग्रामीण महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता है, जो बड़ी संख्या में अपनी रसोई के लिए इन पारंपरिक सिल-बट्टों को खरीद रही हैं। इन महिलाओं का दृढ़ विश्वास है कि सिल-बट्टे पर पिसे गए मसालों का स्वाद और सुगंध, बिजली के मिक्सर में पिसे मसालों से कहीं बेहतर और प्रामाणिक होता है। भरतपुर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में सिल-बट्टे की यह भारी मांग इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक युग में भी लोगों का अपनी संस्कृति और पारंपरिक हस्तकला से गहरा जुड़ाव है।

धार्मिक आस्था, ग्रामीण परंपरा और हस्तशिल्प की अनूठी झलक वाला ब्रह्मबाद शीतला माता मेला वास्तव में क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को जीवित रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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आखरी अपडेट: मार्च 13, 2026, 09:46 IST

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