मनोरंजन

घूसखोर पंडत विवाद: FWICE प्रमुख बीएन तिवारी ने निर्माताओं की आलोचना की

फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर विवाद गहराया: एफडब्ल्यूआईसीई (FWICE) ने जताई आपत्ति, निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मुंबई/प्रयागराज: फिल्म निर्माता नीरज पांडे की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ का शीर्षक और विषयवस्तु विवादों के घेरे में आ गई है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने फिल्म के शीर्षक में ‘पंडित’ शब्द के उपयोग की कड़ी निंदा की है। संस्था के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने स्पष्ट किया है कि सिनेमा का मूल उद्देश्य मनोरंजन होना चाहिए, न कि किसी विशिष्ट समुदाय या धर्म का उपहास करना।

धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर प्रतिबंध की मांग एक मीडिया साक्षात्कार में, एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष ने निर्माताओं और ओटीटी प्लेटफार्मों (विशेषकर नेटफ्लिक्स) को चेतावनी देते हुए कहा कि जनभावनाओं को आहत करना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हमें फिल्म के शीर्षक पर घोर आपत्ति है। रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाले निर्माताओं का हम कड़ा विरोध करते हैं। जो मंच या निर्माता लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं, उन पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।”

तिवारी ने सोशल मीडिया के प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि अब दर्शक जागरूक हैं और अपनी आवाज उठाना जानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माता अपनी सामग्री में जाति या समुदाय का अपमान करना जारी रखते हैं, तो सिने संस्था उनके साथ पूर्ण असहयोग (Non-cooperation) की नीति अपनाएगी।

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सड़कों पर प्रदर्शन और अल्टीमेटम इस विवाद ने अब मैदानी स्तर पर विरोध का रूप ले लिया है। प्रयागराज के सुभाष चौक पर प्रदर्शनकारियों ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और कलाकारों के पुतले फूंके और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फिल्म एक सुनियोजित तरीके से ब्राह्मण समुदाय और हिंदू धर्म को बदनाम करने का प्रयास है।

प्रदर्शनकारियों ने निर्माताओं को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि फिल्म का नाम और आपत्तिजनक सामग्री नहीं बदली गई, तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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कानूनी पेंच: एफआईआर दर्ज विरोध प्रदर्शनों के बीच, फिल्म की मुश्किलें कानूनी तौर पर भी बढ़ गई हैं। लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक और कथानक धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर सकता है।

गौरतलब है कि ‘घूसखोर पंडित‘ में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं, और इसके निर्देशन की कमान नीरज पांडे के हाथों में है।

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