दुनिया

रूस-ईरान खुफिया जानकारी का बड़ा खुलासा: क्या अमेरिका के खिलाफ रची जा रही है खतरनाक साजिश?

रूस-ईरान खुफिया जानकारी का बड़ा खुलासा: क्या अमेरिका के खिलाफ रची जा रही है खतरनाक साजिश?
अमेरिकी-इजरायल हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी भर में मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए | फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स

 

प्रकाशित – 07 मार्च, 2026 | 01:36 IST

रूस-ईरान खुफिया जानकारी साझा करने का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैश्विक कूटनीति और सैन्य हलकों में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी खुफिया विभाग से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रूस ने ईरान को ऐसी अति-संवेदनशील जानकारी मुहैया कराई है, जो तेहरान को पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों और अन्य सामरिक संपत्तियों पर सटीक हमला करने में मदद कर सकती है।

नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले इन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यद्यपि रूस-ईरान खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्या रूस सीधे तौर पर ईरान को यह निर्देश भी दे रहा है कि इस जानकारी का उपयोग कैसे और कब करना है। फिर भी, यह इस बात का पहला स्पष्ट संकेत है कि मॉस्को उस युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने की कोशिश कर रहा है, जो अमेरिका और इज़राइल ने हाल ही में ईरान पर शुरू किया है।

रूस और ईरान के बीच सैन्य और खुफिया सहयोग का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और सैन्य सहयोग

रूस-ईरान खुफिया जानकारी: पश्चिम एशिया में बढ़ता कूटनीतिक गठजोड़

रूस दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से एक है जिसने तेहरान के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को लगातार मजबूत किया है। ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और हिजबुल्लाह, हमास व हूती (Houthis) जैसे छद्म (proxy) समूहों के समर्थन के कारण वर्षों से पश्चिमी देशों के कड़े अलगाव और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में रूस-ईरान खुफिया जानकारी का यह गठजोड़ अमेरिका के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकता है।

यह भी पढ़ें:‘हमसे बेहतर कोई विकल्प नहीं’: भारत की रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी अधिकारी

यह भी पढ़ें: अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) की ताज़ा राष्ट्रीय सुरक्षा अपडेट्स और सैन्य रणनीतियां

व्हाइट हाउस का रुख: रूस-ईरान खुफिया जानकारी की रिपोर्ट पर क्या कहा?

इस संवेदनशील खुलासे के बीच, व्हाइट हाउस ने उन मीडिया रिपोर्टों के प्रभाव को कम करने की कोशिश की है जिनमें कहा गया था कि रूस क्षेत्र में अमेरिकी लक्ष्यों के बारे में ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने शुक्रवार (6 मार्च, 2026) को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एक कड़ा संदेश दिया।

“जाहिर तौर पर इससे ईरान में हमारे सैन्य अभियानों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हम उनकी क्षमताओं को पूरी तरह से समाप्त कर रहे हैं।” – कैरोलिन लेविट, व्हाइट हाउस प्रेस सचिव

सुश्री लेविट ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस कथित रूस-ईरान खुफिया जानकारी साझा करने के मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस विषय पर राष्ट्रपति स्वयं अपनी बात रखेंगे।

यूक्रेन युद्ध और रूस-ईरान खुफिया जानकारी का बढ़ता दायरा

यह गठजोड़ केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है। रूस और ईरान के बीच सैन्य संबंध तब से और अधिक गहरे हो गए हैं जब से रूस ने यूक्रेन पर युद्ध छेड़ा है। मॉस्को को अपनी युद्धक जरूरतों को पूरा करने के लिए मिसाइलों और ड्रोन्स की सख्त आवश्यकता है, जिसे ईरान पूरा कर रहा है।

  • ड्रोन कारखाने का निर्माण: बाइडेन प्रशासन ने पहले ही खुफिया निष्कर्ष जारी किए थे जो दिखाते हैं कि ईरान ने रूस को न केवल हमलावर ड्रोन (Shahed) की आपूर्ति की है, बल्कि रूस के अंदर ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्री के निर्माण में भी मदद की है।
  • बैलिस्टिक मिसाइलें: पूर्व अमेरिकी प्रशासन ने भी ईरान पर आरोप लगाया था कि वह यूक्रेन में युद्ध लड़ने के लिए रूस को कम दूरी की घातक बैलिस्टिक मिसाइलें हस्तांतरित कर रहा है।
  • क्रेमलिन का इनकार: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ईरान को सैन्य सहायता देने के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि रूस ईरानी नेतृत्व के साथ निरंतर संवाद में है।

वाशिंगटन पोस्ट (Washington Post) द्वारा सबसे पहले रिपोर्ट किए गए इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। जब सुश्री लेविट से पूछा गया कि क्या इन खुलासों से यूक्रेन शांति समझौते की पुतिन की क्षमता पर राष्ट्रपति ट्रम्प का विश्वास डगमगाया है, तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर देते हुए कहा, “राष्ट्रपति का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के संबंध में शांति अभी भी एक प्राप्त करने योग्य लक्ष्य है।”

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!