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भारतीय सिनेमा के लिए गेम-चेंजर: अन्नपूर्णा स्टूडियोज में हुआ देश की सबसे शानदार ‘मोशन कैप्चर सुविधा’ का अनावरण

भारतीय सिनेमा के लिए गेम-चेंजर: अन्नपूर्णा स्टूडियोज में हुआ देश की सबसे शानदार ‘मोशन कैप्चर सुविधा’ का अनावरण

एसएस राजामौली. | फोटो साभार: विशेष व्यवस्था

मोशन कैप्चर सुविधा (Motion Capture Facility) के क्षेत्र में भारत ने अब एक ऐतिहासिक और तकनीकी छलांग लगा दी है। हॉलीवुड जैसी उच्च-स्तरीय दृश्य प्रभावों (VFX) की मांग को पूरा करने के लिए, हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित अन्नपूर्णा स्टूडियोज (Annapurna Studios) ने देश की सबसे अत्याधुनिक और उन्नत मोशन कैप्चर लैब की शुरुआत की है। ‘ए एंड एम मोकैप लैब’ (A&M MoCap Lab) के नाम से जानी जाने वाली यह नई सुविधा भारतीय फिल्म निर्माण के तरीके को हमेशा के लिए बदलने का माद्दा रखती है।

यह अभूतपूर्व पहल दिग्गज अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन (Akkineni Nagarjuna) के अन्नपूर्णा स्टूडियोज और ‘बाहुबली’ के विजनरी निर्माता शोबू यारलागड्डा की मिहिरा विजुअल लैब्स (Mihira Visual Labs) के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का शानदार परिणाम है। इस पूरी सुविधा को हॉलीवुड के अग्रणी मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी पार्टनर ‘एनिमेट्रिक फिल्म डिज़ाइन’ (Animatrik Film Design) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।


एसएस राजामौली ने किया उद्घाटन और ‘वाराणसी’ में किया इस्तेमाल

बुधवार को, भारतीय सिनेमा के मास्टरमाइंड निर्देशक एसएस राजामौली (SS Rajamouli) ने इस अत्याधुनिक मोशन कैप्चर सुविधा का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल इस तकनीक की पहली झलक दुनिया के साथ साझा की, बल्कि यह भी खुलासा किया कि कैसे यह तकनीक भारतीय कहानी कहने के पैमाने (Scale) और महत्वाकांक्षा (Ambition) को एक नया आकार दे रही है।

राजामौली ने बताया कि उन्होंने अपनी आगामी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘वाराणसी’ (Varanasi) के प्रमुख दृश्यों को शूट करने के लिए इसी तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया है। गौरतलब है कि इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) और ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा जोनास (Priyanka Chopra Jonas) मुख्य भूमिकाओं में नज़र आने वाले हैं।

“भारत में हमेशा से दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ तकनीशियन रहे हैं जो प्रमुख वैश्विक प्रस्तुतियों (Global Productions) में अपना अहम योगदान दे रहे हैं, लेकिन हमारे पास अपने ही देश में ऐसी उन्नत सुविधा की भारी कमी थी। जब मैं अपनी पिछली फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ (मक्खी) को देखता हूं, तो मुझे याद आता है कि अगर उस समय मेरे पास भारत में मोशन कैप्चर तकनीक तक पहुंच होती, तो मैं उन दृश्यों को और भी बेहतर और जादुई कैसे बना सकता था।” – एसएस राजामौली

राजामौली, जिन्होंने इससे पहले अन्नपूर्णा स्टूडियो में ही भारत की पहली डॉल्बी सिनेमा (Dolby Cinema) प्रसंस्करण सुविधा शुरू की थी, ने आगे कहा, “ए एंड एम (A&M) की मोशन कैप्चर तकनीक की शुरुआत के साथ, आखिरकार उस तकनीकी अंतर को पाट दिया गया है। मैंने दुनिया भर में कई मोशन कैप्चर सुविधाओं का दौरा किया है, लेकिन ए एंड एम जो प्रदान करता है वह सटीकता और बेहतरीन प्रदर्शन का सही मिश्रण है। हमने ‘वाराणसी’ में महत्वपूर्ण दृश्यों के निर्माण के लिए इस सुविधा का उपयोग किया, और इसके परिणाम बेहद शानदार और अविश्वसनीय थे।”


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अक्किनेनी नागार्जुन: वैश्विक मानकों को छूने की दिशा में एक कदम

इस भव्य सुविधा के लॉन्च पर बात करते हुए, अभिनेता और अन्नपूर्णा स्टूडियोज के प्रमुख नागार्जुन अक्किनेनी ने इसे भारत की सिनेमाई यात्रा में एक प्रमुख और निर्णायक मील का पत्थर करार दिया।

नागार्जुन ने अपने विजन को साझा करते हुए कहा: * “दशकों से, भारतीय फिल्म निर्माता बड़े पैमाने पर ऐसी महाकाव्य कहानियां बताने की इच्छा रखते हैं जो वैश्विक मानकों (Global Standards) से पूरी तरह मेल खाती हों, लेकिन हाई-एंड (High-end) तकनीक तक पहुंच अक्सर हमारे लिए एक बड़ी सीमा रही है।”

  • “अन्नपूर्णा स्टूडियो में, हमारा दृष्टिकोण हमेशा रचनात्मकता और नवीनता को एक साथ लाकर फिल्म निर्माण तकनीक में सबसे आगे रहने का रहा है। ऐसे समय में जब भारतीय सिनेमा दुनिया भर के दर्शकों तक अपनी गहरी पहुंच बना रहा है, हम अपने मानकों को और भी ऊंचा उठाना चाहते थे।”

  • “ए एंड एम के साथ, फिल्म निर्माता अब विदेश जाने के बजाय यहीं हैदराबाद में महाकाव्य रोमांच (Epic Adventures) से लेकर जटिल विज्ञान कथा नाटकों (Sci-Fi Dramas) तक सब कुछ सजीव कर सकते हैं।”

शोबू यारलागड्डा: एक आत्मनिर्भर सिनेमाई इकोसिस्टम का निर्माण

वैश्विक ब्लॉकबस्टर ‘बाहुबली’ (Baahubali) का समर्थन करने वाले दिग्गज निर्माता शोबू यारलागड्डा ने इस साझेदारी को भारत में विश्व स्तरीय फिल्म निर्माण बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का एक अनिवार्य हिस्सा बताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रतिस्पर्धा करने के लिए देश के भीतर ही उन्नत प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाना बेहद आवश्यक है। शोबू ने कहा, “अन्नपूर्णा स्टूडियो में यह मोशन कैप्चर सुविधा रचनात्मक महत्वाकांक्षा और तकनीकी उत्कृष्टता को एक साथ लाती है। मिहिरा लैब्स में, हमारा ध्यान हमेशा फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाले उपकरणों के साथ सशक्त बनाने पर रहा है।”

उन्होंने अंत में कहा, “एसएस राजामौली जैसे महान फिल्म निर्माता को अपनी फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए हमारी A&M MoCap सुविधा का उपयोग करते हुए देखना हमारे इस विश्वास को और पुख्ता करता है कि भारतीय कहानी कहने का भविष्य अब पूरी तरह से घर पर निर्मित तकनीकी नवाचारों (Innovations) द्वारा संचालित होगा।”

 

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