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बाफ्टा 2026: वैश्विक मंच पर मणिपुर का ऐतिहासिक उदय; ‘बूंग’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान, शांति की अपील ने दुनिया को झकझोरा

बाफ्टा 2026: वैश्विक मंच पर मणिपुर का ऐतिहासिक उदय; ‘बूंग’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान, शांति की अपील ने दुनिया को झकझोरा

22 फरवरी, 2026 को लंदन में 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवार्ड्स, बाफ्टा में ‘बूंग’ के लिए बच्चों और पारिवारिक फिल्म के पुरस्कार के साथ पोज देते एलन मैकएलेक्स, बाएं से, फरहान अख्तर, पैडिंगटन बियर, लक्ष्मीप्रिया देवी और रितेश सिधवानी। | फोटो साभार: एपी

मणिपुर में शांति लौटने के लिए प्रार्थना करें: बाफ्टा की जीत के बाद बूंग निर्देशक

लंदन/नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के इतिहास में 22 फरवरी, 2026 की शाम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई। लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित 79वें ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न आर्ट्स (BAFTA) पुरस्कार समारोह में मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) ने ‘सर्वश्रेष्ठ बाल और पारिवारिक फिल्म’ की श्रेणी में शीर्ष सम्मान पाकर वैश्विक मानचित्र पर भारत और मणिपुर का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है।

एक भावुक जीत और शांति का संदेश

फिल्म की निर्देशिका लक्ष्मीप्रिया देवी ने जब मंच पर पुरस्कार ग्रहण किया, तो उन्होंने इस अवसर का उपयोग केवल अपनी सफलता का जश्न मनाने के लिए नहीं, बल्कि अपने गृह राज्य मणिपुर में शांति और सद्भाव की मार्मिक अपील करने के लिए किया। पिछले कुछ समय से जातीय संघर्षों से जूझ रहे मणिपुर का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, “यहाँ तक पहुँचने का सफर किसी अनजान ऊंचे पहाड़ की चोटी पर पहुँचने जैसा रहा है। मैं इस वैश्विक मंच से केवल यही कहना चाहती हूँ कि हम मणिपुर में शांति की वापसी की प्रार्थना करते हैं।”

उन्होंने विस्थापित बच्चों के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमारी प्रार्थना है कि संघर्षों के बीच अपनी मासूमियत खोने वाले बच्चे फिर से अपने सपनों को जी सकें। क्षमा एक ऐसी महाशक्ति है जो किसी भी संघर्ष से बड़ी है, और हम इसी मानवीय संवेदना की वापसी की उम्मीद करते हैं।”

‘बूंग’ की कहानी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा

एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी) द्वारा निर्मित ‘बूंग’ एक युवा लड़के की कहानी है जो अपनी माँ को सरप्राइज देने के लिए अपने लापता पिता की तलाश में निकलता है। गुगुन किपगेन और बाला हिजाम के सशक्त अभिनय से सजी इस फिल्म ने डिज्नी की ‘लिलो एंड स्टिच’ और ‘ज़ूट्रोपोलिस 2’ जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ नामांकित तो हुई थी, लेकिन ‘बूंग’ ने जीत हासिल कर इस श्रेणी में भारत का सूखा खत्म किया।

भारतीय गौरव के अन्य क्षण: आलिया भट्ट और धर्मेंद्र

समारोह के दौरान भारतीय सिनेमा की मौजूदगी हर तरफ महसूस की गई। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को फिल्म जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए बाफ्टा के ‘इन मेमोरियम’ (In Memoriam) खंड में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, बॉलीवुड स्टार आलिया भट्ट ने समारोह में एक गरिमापूर्ण प्रस्तुतकर्ता (Presenter) की भूमिका निभाई। ‘सर्वश्रेष्ठ गैर-अंग्रेजी फिल्म’ श्रेणी का पुरस्कार पेश करते हुए उन्होंने सिनेमा की सार्वभौमिक भाषा पर जोर दिया और कहा कि सिनेमा की भाषा हम सभी धाराप्रवाह बोलते हैं।

कला और संघर्ष का मेल

मंच के पीछे संवाददाताओं से बात करते हुए लक्ष्मीप्रिया देवी ने फिल्म की प्रेरणा का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनकी दादी द्वारा सुनाई गई लोक कथाओं का एक आधुनिक रूपांतरण है। उन्होंने याद किया कि कैसे अशांत माहौल में भी उनकी दादी की कहानियाँ उन्हें सुरक्षा का एहसास कराती थीं। निर्माता फरहान अख्तर ने भी लक्ष्मीप्रिया के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि मणिपुर जैसे उपेक्षित क्षेत्रों की कहानियों को विश्व मंच पर लाना ही एक्सेल एंटरटेनमेंट का उद्देश्य है।

राष्ट्रीय स्तर पर हर्ष की लहर

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने बधाई दी है:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर फिल्म की टीम को बधाई देते हुए इसे “भारत की रचनात्मक प्रतिभा का प्रमाण” और “मणिपुर के लिए अत्यंत हर्ष का क्षण” बताया।

  • मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इसे राज्य के लिए गौरव का पल बताते हुए कहा कि यह जीत प्रभावशाली फिल्म निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे भारतीय फिल्म निर्माण की एक बड़ी जीत करार दिया।

‘बूंग’ की यह सफलता न केवल भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि कला में सीमाओं को लांघने और मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है।


दिनांक: 23 फरवरी, 2026

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