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मोहित चौहान जन्मदिन: एक्टर बनने आए थे मुंबई, बन गए बॉलीवुड के जादुई और जबरदस्त सिंगर!

मोहित चौहान जन्मदिन आज 11 मार्च को पूरे देश में उनके लाखों प्रशंसकों द्वारा मनाया जा रहा है। अपनी रूहानी और सूफी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मोहित चौहान आज अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। संगीत जगत में कई वर्षों से सक्रिय मोहित चौहान की कहानी बेहद दिलचस्प है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अपनी गायकी का लोहा मनवाने वाले मोहित जब मुंबई आए थे, तो उनका सपना एक प्लेबैक सिंगर बनना नहीं, बल्कि एक सफल अभिनेता बनना था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते हैं उनके संघर्ष, सफलता और निजी जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें।

मोहित चौहान जन्मदिन: जन्म, शिक्षा और संगीत का बीज

मोहित चौहान का जन्म 11 मार्च 1966 को हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर नाहन में हुआ था। उनके पिता एक सरकारी नौकरी में थे, जिसके कारण उनका बार-बार ट्रांसफर होता रहता था। इसी वजह से मोहित की स्कूली शिक्षा हिमाचल के विभिन्न शहरों (जैसे कुल्लू और सोलन) में पूरी हुई।
बचपन से ही मोहित का झुकाव संगीत की ओर था। कम उम्र में ही उन्होंने हारमोनियम और गिटार बजाना शुरू कर दिया था। हालांकि उन्होंने संगीत की कोई औपचारिक (Formal) शिक्षा नहीं ली थी, लेकिन उनके दादा जी एक शास्त्रीय गायक थे, जिनसे उन्हें संगीत की गहरी प्रेरणा मिली। उन्होंने धर्मशाला के कॉलेज से जियोलॉजी (Geology) में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc) की डिग्री हासिल की है।

सिंगर नहीं, एक बेहतरीन अभिनेता बनने का था सपना

मोहित चौहान जन्मदिन के इस मौके पर उनका वह दिलचस्प किस्सा याद आता है, जब 1995 के आसपास वह अपने सपनों को उड़ान देने मुंबई पहुंचे थे। मोहित चौहान का मुख्य लक्ष्य बॉलीवुड में बतौर अभिनेता अपनी किस्मत आजमाना था। उन्होंने इस दिशा में कई प्रयास भी किए, लेकिन नियति ने उनके लिए गायकी का रास्ता चुना। भले ही वह स्क्रीन पर अभिनय नहीं कर पाए, लेकिन उनकी आवाज ने फिल्मों के लीड एक्टर्स (खासकर रणबीर कपूर) की भावनाओं को पर्दे पर जीवंत कर दिया।

‘सिल्क रूट’ की ‘बूंदें’ से लेकर ‘रॉकस्टार’ तक का धमाकेदार सफर

मोहित चौहान के करियर की शुरुआत उनके इंडी-पॉप बैंड ‘सिल्क रूट’ (Silk Route) से हुई। साल 1998 में उनके बैंड का पहला म्यूजिक एल्बम ‘बूंदें’ (Boondein) रिलीज हुआ। इस एल्बम का गाना ‘डूबा-डूबा रहता हूं’ उस दौर का सबसे बड़ा यूथ एंथम बन गया और रातों-रात सुपरहिट हो गया।
बॉलीवुड में उनके प्लेबैक सिंगिंग के सफर को बड़ी पहचान इन ऐतिहासिक गानों से मिली:
  • रंग दे बसंती (2006): इस फिल्म के गाने ‘खून चला’ से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी गहरी छाप छोड़ी।
  • जब वी मेट (2007): इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित इस फिल्म का गाना ‘तुम से ही’ उनके करियर का सबसे बड़ा रोमांटिक हिट साबित हुआ।
  • दिल्ली-6 (2009): इस फिल्म के ‘मसकली’ (Masakali) गाने के लिए उन्हें साल 2010 में सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक सिंगर के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया।
  • रॉकस्टार (2011): रणबीर कपूर स्टारर इस फिल्म के लगभग सभी मुख्य गाने मोहित चौहान ने गाए। ‘सड्डा हक’, ‘कुन फाया कुन’ और ‘तुम हो’ जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड का असली ‘रॉकस्टार’ बना दिया।

मोहित चौहान जन्मदिन विशेष: व्यक्तिगत जीवन और पशुओं के प्रति प्रेम

मोहित चौहान हमेशा से अपनी निजी जिंदगी को चकाचौंध से दूर रखना पसंद करते हैं। साल 2012 में, उन्होंने पत्रकार और लेखिका प्रार्थना गहलोत से शादी की थी।
संगीत के अलावा, मोहित चौहान अपनी दरियादिली और सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। वह बेसहारा जानवरों की भलाई के लिए एक फाउंडेशन चलाते हैं, जिसके तहत सड़कों पर रहने वाले आवारा कुत्तों (Street Dogs) के खाने, स्वास्थ्य और आश्रय का विशेष ध्यान रखा जाता है। उनका यह पशु प्रेम उन्हें सिर्फ एक बेहतरीन गायक ही नहीं, बल्कि एक शानदार इंसान भी बनाता है।

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