राजस्थान

पीपल्दा विधायक चेतन पटेल एफआईआर: सुल्तानपुर चुनाव बवाल में बढ़ा सियासी तनाव, CID-CB की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप!

पीपल्दा विधायक चेतन पटेल एफआईआर दर्ज होने के बाद राजस्थान के कोटा जिले में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भड़की हिंसक झड़प और पथराव के मामले में अब पुलिस ने कड़ा कानूनी रुख अपनाया है। स्थानीय थाना प्रभारी की शिकायत पर पीपल्दा से कांग्रेस विधायक चेतन पटेल कोलाना के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम करने और थाने के बाहर अव्यवस्था फैलाने समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
चूंकि यह संवेदनशील मामला एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि से जुड़ा हुआ है, इसलिए राज्य सरकार की तय कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थानीय पुलिस के बजाय अब इसकी विस्तृत जांच अपराध जांच शाखा (सीआईडी-सीबी) को स्थानांतरित कर दी गई है।

पीपल्दा विधायक चेतन पटेल एफआईआर: जानिए सुल्तानपुर चुनाव बवाल की पूरी इनसाइड स्टोरी

सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान 21 सितंबर को राजनीतिक खींचतान उस समय हिंसक रूप ले बैठी, जब मतदान प्रक्रिया के दौरान दोनों प्रमुख दलों के पार्षद आमने-सामने आ गए।
  • गाड़ियां रोकने को लेकर टकराव: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों ने मतदान केंद्र की ओर बढ़ रहे भाजपा पार्षदों के वाहनों को बीच रास्ते में रोकने का प्रयास किया।
  • सड़क पर पथराव: बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थक लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
  • पुलिस का लाठीचार्ज: स्थिति बेकाबू होते देख सुल्तानपुर थाना पुलिस ने अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को खदेड़कर हालात पर नियंत्रण पाया।

थाने के बाहर धरना और पुलिस से तीखी नोकझोंक

नगर पालिका परिसर और सड़कों पर हुए हंगामे की सूचना मिलते ही पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर एकतरफा होने का आरोप लगाते हुए तीखा विरोध जताया। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर विधायक चेतन पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ सुल्तानपुर थाने के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
आरोप है कि धरने के दौरान थाने के भीतर भी हंगामा हुआ और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस पूरे घटनाक्रम पर सुल्तानपुर थाना प्रभारी दौलत साहू ने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी और उनकी शिकायत के आधार पर मंगलवार देर रात विधायक के खिलाफ विधिवत नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई।

पीपल्दा विधायक चेतन पटेल एफआईआर के बाद क्यों सौंपी गई सीआईडी-सीबी को जांच?

राजस्थान पुलिस नियमावली और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के अनुसार, जब भी किसी मौजूदा सांसद या विधायक के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है, तो मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच स्थानीय थाना स्तर से हटा दी जाती है।
  1. निष्पक्ष पड़ताल का दायरा: स्थानीय पुलिस पर किसी भी राजनीतिक दबाव या पक्षपात के आरोपों से बचने के लिए फाइल सीआईडी-सीबी (CID-CB) को सौंपी जाती है।
  2. वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्य: सीआईडी-सीबी की विशेष टीम अब मौके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, वायरलेस संदेशों और गवाहों के बयानों को जुटाकर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
इस मुकदमे के बाद हाड़ौती संभाग की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस जहां इसे प्रशासनिक बदले की कार्रवाई बताकर आंदोलन की चेतावनी दे रही है, वहीं भाजपा ने इसे कानून-व्यवस्था का उल्लंघन बताते हुए निष्पक्ष कानूनी जांच की मांग की है।

यह भी पढ़ें: अवैध रूपांतरण के खिलाफ विरोध … पुलिस, हिंदू संगठन चर्च के बाहर चेतावनी खोलते हैं

यह भी पढ़ें: जयपुर एयरपोर्ट अलर्ट: दिल्ली में खराब मौसम से भयानक स्थिति, दर्जनों उड़ानें डायवर्ट, यात्री बेहाल

यह भी पढ़ें: गोल्ड बूम, फिर चांदी की कीमतें गिरती हैं … इस तारीख को राहत मिल सकती है, दर जानें

यह भी पढ़ें: टिकट के बिना यात्रा कर रहा था, फिर टीटीई चढ़ गया; इस तरह के जुर्माना में डाला गया, पैसा सुनकर उड़ गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!