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हेल्थ टिप्स: भागदौड़ में मन को चाहिए शांति, योग-ध्यान भूल जाएं, गुनगुनाने से पाएं तुरंत राहत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तेजी से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। आज के समय में तनाव भी एक आम समस्या बन गई है। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ, काम का दबाव और लगातार सोचते रहना हमें थका देता है। ऐसे में लोग तनाव से छुटकारा पाने और मन को शांत करने के लिए दवा, योग और ध्यान आदि का सहारा लेते हैं। लेकिन हर किसी के पास इन चीजों के लिए समय नहीं है।
तनाव को कम करने के लिए ‘हमिंग’ यानी हल्की गुनगुनाहट ही काफी है। आपको बता दें कि यह कोई जादू नहीं बल्कि विज्ञान से जुड़ी एक बेहद आसान तकनीक है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब हम गुनगुनाते हैं तो हमारे शरीर की एक विशेष तंत्रिका, जिसे वेगस तंत्रिका कहा जाता है, सक्रिय हो जाती है। वेगस तंत्रिका मन को शांत करती है और दिल की धड़कन को सामान्य करती है और सांस को संतुलित रखती है। ऐसे में आप बिना दवा, योग या ध्यान के सिर्फ कुछ मिनटों की ‘गुनगुनाहट’ से अपने मन को शांत और शरीर को आराम दे सकते हैं।

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जानिए गुनगुनाहट क्या है

गुनगुनाहट का अर्थ है धीरे-धीरे गुनगुनाना या होठों को बंद करके आवाज निकालना। जब हम कोई गाना गुनगुनाते हैं या ‘ओम’ का उच्चारण करते हैं तो यह बहुत सामान्य लगता है, लेकिन इसके पीछे भी विज्ञान है।

जानिए कैसे काम करती है ये ट्रिक

आपके मन में यह सवाल चल रहा होगा कि आखिर यह ट्रिक काम कैसे करती है? तो हम आपको बता दें कि जब भी हम ‘गुनगुनाते’ हैं तो हमारे शरीर में मौजूद वेगस तंत्रिका सक्रिय हो जाती है। यह वेगस तंत्रिका मस्तिष्क को फेफड़ों, हृदय और पाचन तंत्र से जोड़ती है।
वेगस तंत्रिका हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम का हिस्सा है। यह वही हिस्सा है जो शरीर को संतुलन और आराम की स्थिति में रखता है। वहीं जब हम गुनगुनाते हैं तो यह तंत्रिका मस्तिष्क को संकेत भेजती है कि सब कुछ ठीक है, अब कोई खतरा नहीं है। यह संकेत मिलते ही दिल की धड़कन सामान्य हो जाती है, सांसें स्थिर हो जाती हैं और हमारा मन भी शांत महसूस करता है।

आपको कब गुनगुनाना चाहिए?

आपको बता दें कि जब भी आपको घबराहट, तनाव या बेचैनी महसूस हो तो गहरी सांस लें और धीरे-धीरे गुनगुनाना शुरू कर दें। आप इस तरह से किसी भजन, मंत्र या ‘ओम’ का जाप भी कर सकते हैं। यदि आप प्रतिदिन कुछ मिनट गुनगुनाते हैं, तो धीरे-धीरे शरीर अपने आप तनाव दूर करना सीख जाएगा।
ऐसे में आप बिना किसी खर्च, दवा या योग के सिर्फ कुछ मिनट गुनगुनाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम दे पाएंगे। अगली बार जब आप तनावग्रस्त या घबराए हुए महसूस करें तो अपने मन को शांत करने के लिए गुनगुनाना शुरू कर दें। इससे आपको खुद-ब-खुद फर्क महसूस होगा।

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