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यूक्रेन पर रूसी हमला: ईस्टर से पहले 10 की मौत, इस खौफनाक तबाही ने दहलाया देश

यूक्रेन पर रूसी हमला शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को एक नया और बेहद खौफनाक मोड़ ले चुका है। पिछले चार सालों से चल रहे इस युद्ध में मॉस्को ने रणनीति बदलते हुए अब दिन के उजाले में हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हमलों में कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमले ईस्टर के ठीक पहले हुए हैं, जिसने देश भर में दहशत और मातम का माहौल पैदा कर दिया है।

यूक्रेन पर रूसी हमला: ईस्टर वीकेंड पर ड्रोन्स और मिसाइलों की बारिश

यूक्रेनी वायु सेना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रूसी सेना ने शुक्रवार को दिन के समय 500 से अधिक घातक ड्रोन्स और दर्जनों मिसाइलों का इस्तेमाल किया। आमतौर पर रात के अंधेरे में होने वाले हवाई हमले अब दिन-दहाड़े हो रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को रूस की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मॉस्को ने कैथोलिक ईस्टर से ठीक पहले जानबूझकर हमले तेज किए हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “आसमान में जो सन्नाटा होना चाहिए था, उसे ईस्टर के दिन हमलों की लहर में बदल दिया गया।”

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राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों में भारी तबाही

यूक्रेनी आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी की गई तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। इनमें क्षतिग्रस्त आवासीय इमारतें और सड़कों पर बिखरा मलबा साफ देखा जा सकता है।

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  • कीव क्षेत्र: क्षेत्रीय गवर्नर मायकोला कलाश्निकोव के अनुसार, राजधानी क्षेत्र में एक व्यक्ति की जान चली गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

  • पशु चिकित्सालय पर कहर: श्री कलाश्निकोव ने बताया कि इस क्रूर हमले का शिकार बेज़ुबान जानवर भी हुए हैं। एक पशु चिकित्सालय पर हुए हमले में करीब 20 जानवरों की मौत हो गई।

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  • ओबुखिव और विष्णव: प्रधान मंत्री यूलिया स्वेरिडेन्को ने पुष्टि की कि एक ड्रोन ने ओबुखिव में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया, जबकि दूसरा हमला विष्णव में एक किंडरगार्टन और स्कूल के बीच हुआ।

सुमी क्षेत्र में तीन, ज़ाइटॉमिर में एक और सीमावर्ती खार्किव, डोनेट्स्क और खेरसॉन क्षेत्रों में पांच अन्य लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि, जहां कुछ नागरिकों ने मेट्रो और बेसमेंट में शरण ली, वहीं कुछ अन्य लोग हवाई हमले के सायरन के बावजूद कैफे में बैठे नजर आए, जो युद्ध की इस लंबी त्रासदी के बीच जीवन की एक अजीब सी विडंबना को दर्शाता है।

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यूक्रेन पर रूसी हमला: क्या यह ‘ईस्टर युद्ध’ है?

इन भारी बमबारियों के कारण देश के ऊर्जा ग्रिड पर बुरा असर पड़ा है। ग्रिड संचालक ‘यूक्रेनार्गो’ ने बताया कि हमलों के कारण कई क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती (ब्लैकआउट) करनी पड़ी है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिगा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस तरह मास्को हमारे ईस्टर युद्धविराम प्रस्तावों का क्रूर हमलों के साथ जवाब दे रहा है।” हालांकि यूक्रेन ने युद्धविराम की इच्छा जताई थी, लेकिन रूस ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्हें कोई “स्पष्ट रूप से तैयार” प्रस्ताव नहीं मिला है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र हथियाने के लिए युद्ध को लंबा खींच रहा है।

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कूटनीतिक प्रयास और ईरान युद्ध का वैश्विक प्रभाव

इन हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति भी एक जटिल दौर से गुजर रही है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मास्को के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की उम्मीद में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को कीव आमंत्रित किया है।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी हवाई अभियान, के कारण शांति वार्ताएं रुक गई हैं। ज़ेलेंस्की ने प्रस्ताव दिया है कि अमेरिकी दल पहले कीव आ सकता है और फिर मॉस्को जा सकता है, ताकि तीन-तरफ़ा शटल कूटनीति (जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत संभाल रहे थे) को फिर से जीवित किया जा सके।

यूक्रेन की रणनीति: काला सागर से होर्मुज जलडमरूमध्य तक

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच यूक्रेन ने कूटनीतिक रूप से अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है। हाल ही में ज़ेलेंस्की ने कतर और सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

यूक्रेन का दावा है कि उसके पास खाड़ी देशों में ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे रूसी-शैली के ड्रोन्स से निपटने की विशेषज्ञता है। साथ ही, यूक्रेन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में मदद करने की भी पेशकश की है, ठीक उसी तरह जैसे उसने रूसी नाकाबंदी के बावजूद काला सागर (Black Sea) के माध्यम से अपना समुद्री मार्ग बहाल किया था।

(प्रकाशित – 03 अप्रैल, 2026)

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