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बाल यौन शोषण का खौफनाक सच: बांग्लादेशी साइबरस्टॉकर का अलास्का में पर्दाफाश

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प्रतिनिधित्व के लिए प्रयुक्त छवि | फोटो क्रेडिट: गेटी इमेजेज/आईस्टॉकफोटो

 

प्रकाशित – 07 मार्च, 2026 प्रातः 07:33 बजे IST
बाल यौन शोषण (Child Sexual Exploitation) के एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाले मामले में अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने बड़ी सफलता हासिल की है। एक 28 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक, ज़ोबैदुल अमीन पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करते हुए किशोर लड़कियों को निशाना बनाया, उनसे आपत्तिजनक तस्वीरें मंगवाईं और फिर उन्हें ब्लैकमेल किया। अब इस आरोपी को मलेशिया से अमेरिका के अलास्का प्रत्यर्पित कर दिया गया है, जहां उसे गंभीर संघीय आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।गुरुवार, 5 मार्च 2026 को एंकोरेज की एक संघीय अदालत में शुरुआती सुनवाई के दौरान अमीन ने खुद को निर्दोष बताया। अमेरिकी अभियोजकों द्वारा प्रस्तुत किए गए हिरासत ज्ञापन (detention memo) के अनुसार, अमीन को कुआलालंपुर (मलेशिया) से एफबीआई द्वारा हिरासत में लिया गया था, जहां वह चिकित्सा की पढ़ाई कर रहा था।

बाल यौन शोषण और साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को दर्शाता प्रतीक
प्रतीकात्मक चित्र: साइबरस्टॉकिंग और ऑनलाइन सुरक्षा

बाल यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का खौफनाक जाल

न्यायिक दस्तावेजों से पता चलता है कि आरोपी ने इंटरनेट की गुमनामी का फायदा उठाकर बाल यौन शोषण की एक डरावनी दुनिया रची थी। वह सोशल मीडिया पर झूठी पहचान बनाकर खुद को किशोर के रूप में पेश करता था। जब मासूम लड़कियां उसके जाल में फंसकर अपनी तस्वीरें भेज देती थीं, तो वह उन्हें धमकाता था कि यदि उन्होंने और तस्वीरें नहीं भेजीं, तो वह उनकी निजी तस्वीरें उनके परिवार और दोस्तों के साथ साझा कर देगा।

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अभियोजकों ने स्पष्ट किया, “अमीन को सोशल मीडिया पर सैकड़ों नाबालिग पीड़ितों का शोषण करने में मज़ा आता था। वह इतना क्रूर था कि पीड़ितों को आत्महत्या करने और खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने पर शेखी बघारता था।” वर्ष 2022 में ही एक संघीय ग्रैंड जूरी ने अमीन को बाल पोर्नोग्राफी, वायर धोखाधड़ी और साइबरस्टॉकिंग जैसे संगीन अपराधों के लिए दोषी ठहराया था।

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“पुलिस मुझे नहीं ढूंढ पाएगी” – अपराधी का अहंकार

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अलास्का की एक 14 वर्षीय बहादुर लड़की ने पुलिस से संपर्क किया। लड़की ने बताया कि जब उसने आरोपी के साथ बात करना बंद कर दिया, तो उसने उसकी स्पष्ट तस्वीरें उसके दोस्तों को भेजकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जांचकर्ताओं ने दर्जनों सर्च वारंट और सबपोना (subpoenas) का इस्तेमाल करते हुए बाल यौन शोषण के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ट्रैक किया।

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अमीन को इस बात का घमंड था कि वह मलेशिया में बैठकर अमेरिकी कानून की पहुंच से बाहर है। अभियोजकों के मुताबिक, अमीन ने एक पीड़ित से चैट में कहा था, ‘पुलिस कुछ नहीं करेगी, और पुलिस मुझे कभी नहीं ढूंढ पाएगी क्योंकि मैं तुम्हारे आसपास कहीं नहीं रहता।’ अमीन ने पीड़ितों को यहां तक कहा था कि इस प्रताड़ना से बचने का एकमात्र तरीका यह है कि वे उसके लिए अन्य लड़कियों को फंसाएं।

FBI की कड़ी कार्रवाई और प्रत्यर्पण

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, शुरुआत में अमीन को प्रत्यर्पित करने के प्रयास विफल रहे थे, लेकिन मलेशियाई अधिकारियों और एफबीआई के संयुक्त ऑपरेशन के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन अंततः अमेरिकी एजेंसियां उसे मलेशिया से बाहर निकालकर अलास्का लाने में सफल रहीं।

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एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने इस बड़ी कामयाबी पर एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “हमारे बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन शोषण से बचाने के लिए एफबीआई की प्रतिबद्धता अटल है, चाहे अपराधी संयुक्त राज्य अमेरिका में छिपा हो या दुनिया के किसी अन्य देश में।”

अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश काइल रियरडन ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि मामले की पूरी सुनवाई होने तक आरोपी अमीन को पुलिस हिरासत में ही रखा जाएगा। यह मामला बाल यौन शोषण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की दृढ़ता को दर्शाता है।

 

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