खेल जगत

जसप्रीत बुमराह: टी20 विश्व कप में अविश्वसनीय और शानदार प्रदर्शन

जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे महान गेंदबाजों में से एक क्यों हैं। जब टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड से हुआ, तो एक समय ऐसा लगा कि जैकब बेथेल भारत के सपनों पर पानी फेर देंगे। 5 ओवर में 59 रन की जरूरत थी और बेथेल एक अलग ही लय में बल्लेबाजी कर रहे थे। संजू सैमसन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने 7 विकेट पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन क्रिकेट के खेल में कुछ भी निश्चित नहीं होता।

जसप्रीत बुमराह का जादुई स्पेल और इंग्लैंड की हार

जोस बटलर के आउट होने के बाद मैदान पर आए बाएं हाथ के बल्लेबाज बेथेल ने तेजी से रन बनाने शुरू किए। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती के एक ही ओवर में तीन छक्के जड़कर खौफ पैदा कर दिया। जब बेथेल महज 14 गेंदों में 39 रन बनाकर खेल रहे थे, तब मैच भारत के हाथ से फिसलता दिख रहा था। ठीक उसी तरह जैसे 2024 के फाइनल में हुआ था, जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच फंसा था, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने सबसे भरोसेमंद हथियार की ओर रुख किया।

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जसप्रीत बुमराह ने 16वें और 18वें ओवर में कमान संभाली। उन्होंने अपने असाधारण नियंत्रण और सटीक यॉर्कर से रन गति पर ऐसा ब्रेक लगाया कि इंग्लैंड की टीम वापसी नहीं कर सकी। अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 33 रन देकर 1 विकेट चटकाने वाले इस गेंदबाज ने सुनिश्चित किया कि भारत फाइनल का टिकट कटा ले। इसी बीच अक्षर पटेल का हैरी ब्रूक को आउट करने वाला वो अविश्वसनीय कैच भी इस जीत का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा, जिसने वानखेड़े स्टेडियम को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया।

फाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह का कहर

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भी भारतीय बल्लेबाजों ने अपना दबदबा कायम रखा। सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की पारियों के दम पर भारत ने 5 विकेट पर 255 रन बनाए। जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम कभी भी इस विशाल लक्ष्य का आसानी से पीछा करती हुई नहीं दिखी।

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इस खिताबी मुकाबले में भी जसप्रीत बुमराह का जलवा पूरी तरह से बरकरार रहा। उन्होंने अपनी धीमी गति की गेंदों से रचिन रवींद्र जैसे खतरनाक बल्लेबाज को चकमा दिया और अक्षर पटेल के हाथों कैच आउट कराया। जब बुमराह अपने दूसरे स्पेल के लिए वापस आए, तब तक मैच का नतीजा लगभग तय हो चुका था और न्यूज़ीलैंड को 30 गेंदों में 117 रनों की दरकार थी। लेकिन एक सच्चे चैंपियन की तरह, उन्होंने अपनी छाप छोड़ते हुए महज 7 गेंदों में 3 विकेट चटकाए। टी20 इंटरनेशनल करियर में पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया।

आंकड़े जो जसप्रीत बुमराह की महानता बयां करते हैं

पूरे टूर्नामेंट में उनके आंकड़े किसी भी गेंदबाज के लिए ईर्ष्या का विषय हो सकते हैं। 8 मैचों में 28 ओवर गेंदबाजी करते हुए उन्होंने सिर्फ 174 रन दिए और 14 विकेट हासिल किए। उनकी इकॉनमी 6.21 की रही, जो बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों पर एक चमत्कार से कम नहीं है। जसप्रीत बुमराह को बाहरी शोर से खुद को दूर रखने और दबाव के क्षणों में शांत रहकर टीम को लगातार दूसरी बार विश्व कप विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ का सम्मान मिला। प्रणाम करो, जसप्रीत बुमराह, और इसे जारी रखो!

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