धर्म

शनि-मंगल की युति से बन रहा अशुभ योग, देश-दुनिया में हो सकती हैं बड़ी घटनाएं

मीन राशि में शनि और मंगल की युति 2 अप्रैल से 11 मई तक रहेगी। शनि और मंगल उग्र ग्रह माने जाते हैं। करीब 30 साल बाद अप्रैल महीने में मीन राशि में एक साथ 4 ग्रहों की युति बनने जा रही है। मंगल 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद 3 उग्र ग्रह सूर्य, मंगल और शनि एक साथ मीन राशि में गोचर करेंगे। उनके साथ बुध भी यहां मौजूद रहेंगे. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर, जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल 2 अप्रैल को गोचरवश मीन राशि में प्रवेश कर चुका है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 18 महीने बाद मंगल ग्रह बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश कर चुका है। जहां सूर्य, शनि और शुक्र पहले से ही मौजूद हैं। ऐसे में मंगल के गोचर से शनि मंगल योग भी बनेगा। मंगल और शनि दोनों ही पाप ग्रह माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र में दो क्रूर ग्रहों की युति प्रतिकूल प्रभाव देने वाली मानी गई है। इन दोनों ग्रहों की युति से देश-दुनिया में अप्रिय घटनाएं घटने की आशंका है। इस समय कई देशों में चल रही युद्ध की स्थिति और तेज हो सकती है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि युद्ध कारक ग्रह मंगल एक राशि में 45 दिन तक गोचर करता है। 17 फरवरी को कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण के बाद 23 फरवरी को जब मंगल ने इस राशि में प्रवेश किया तो वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलाव आया। 28 फरवरी को कुंभ राशि में राहु और सूर्य के साथ मंगल के ग्रहण के संयोग के तुरंत बाद अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित 40 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और नेताओं को मार डाला। ईरान ने भी अपने ऊपर थोपे गए इस युद्ध का बड़ी प्रतिबद्धता के साथ जवाब दिया और अमेरिका तथा इजराइल सहित अपने खाड़ी सहयोगियों को भारी नुकसान पहुंचाया। हाल ही में 29 मार्च को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और ईरान युद्ध के विरोध में अमेरिका के कई शहरों में बड़े जन आंदोलन हुए.

ये भी पढ़ें: हनुमान जयंती पर इस विधि से करें सुंदरकांड का पाठ, बजरंगबली देंगे शक्तिशाली आशीर्वाद, जानें नियम

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि जब-जब शनि और मंगल का संयोग होता है, तब-तब देश-दुनिया में जनविद्रोह, आंदोलन और युद्ध जैसी स्थितियां बनती हैं। शनि और मंगल की इस युति को ‘द्वंद्व योग’ कहा जाता है। शनि अनुशासन और न्याय के देवता हैं, जबकि मंगल अग्नि और साहस के देवता हैं। मीन राशि (जल तत्व) में इनकी युति मानसिक अशांति और वैचारिक मतभेद पैदा कर सकती है। मीन राशि समुद्र और पानी का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस दौरान समुद्री तूफान या पानी से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है।

14 अप्रैल तक मीन राशि में मंगल, शनि और सूर्य की युति

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल 2 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक मीन राशि में रहेगा। यानी 11 मई तक मंगल और शनि की युति सक्रिय रहेगी। सूर्य 14 अप्रैल तक मीन राशि में रहेगा और उसके बाद मेष राशि में गोचर करेगा। इसलिए सूर्य के साथ मंगल-शनि की युति 14 अप्रैल तक रहेगी। अग्नि तत्व वाला मंगल युद्ध और हिंसा का कारण है। मीन राशि में राजनीति और न्याय के कारक उग्र ग्रह शनि के साथ युति बन रही है। इतना ही नहीं वहां अग्नि तत्व वाले सूर्य ग्रह भी मौजूद हैं। ऐसे में मंगल, शनि और सूर्य की युति विनाशकारी साबित हो सकती है।

वर्ष 1996 में भी मीन राशि में 4 उग्र ग्रहों की युति बनी थी।

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि करीब 30 साल बाद अप्रैल महीने में मीन राशि में 4 ग्रहों की युति बनने जा रही है। मंगल 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद 3 उग्र ग्रह सूर्य, मंगल और शनि एक साथ मीन राशि में गोचर करेंगे। उनके साथ बुध भी यहां मौजूद रहेंगे. वर्ष 1996 में भी मीन राशि में शनि, मंगल, सूर्य और बुध की युति बनी थी। वर्ष 1996 में जब ग्रहों का ऐसा संयोग बना था तब कई आपदाएं और दुर्घटनाएं हुई थीं। इसी समय न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास विमान में विस्फोट हो गया. उस विमान दुर्घटना में लगभग 230 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा उस साल साओ पाउलो में एक शॉपिंग सेंटर में विस्फोट के कारण लगभग 44 लोगों की जान चली गई और ऐसी कई अन्य घटनाएं हुईं।

11 मई तक शनि-मंगल की युति से होंगी बड़ी घटनाएं

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि मेदिनी ज्योतिष के ग्रंथ भविष्यफल भास्कर एवं वर्ष प्रबोध के अनुसार पाप ग्रह शनि के साथ मंगल की युति महंगाई बढ़ाती है। हमने वर्ष 2022 में भी देखा है जब मंगल और शनि की युति सबसे पहले फरवरी-मार्च में मकर राशि में हुई थी, उसके बाद अप्रैल में दोनों ग्रहों की युति कुंभ राशि में हुई थी, जिसके कारण रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया भर में अनाज, धातु आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति बढ़ गई थी। इस वर्ष पहले मंगल की युति अशुभ ग्रह राहु के साथ फरवरी-मार्च में हुई और अब मंगल की शनि के साथ युति अप्रैल-मई में होगी।

महंगाई, बेरोजगारी और घोटाले को लेकर भारत में आंदोलन होगा

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि स्वतंत्र भारत की आधार कुण्डली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) वृषभ लग्न की है जिसमें मंगल में राहु में गुरु की कठिन विंशोत्तरी दशा 4 अप्रैल से 25 मई तक रहेगी। धन भाव में मंगल अपनी शत्रु राशि मिथुन में बैठा है और लग्न में राहु बैठा है। अब 4 अप्रैल से 25 मई तक आठवें (घोटाले) और एकादश (लाभ) घर का स्वामी बृहस्पति का गोचर भारत में राजनीतिक उथल-पुथल, घोटाले, मुद्रास्फीति और बेरोजगारी में वृद्धि के कारण केंद्र सरकार के लिए बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।

मंगल शनि युति का प्रभाव

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि अमेरिका की स्थापना कुण्डली के आठवें भाव (4 जुलाई 1976, प्रातः 10:20, फिलाडेल्फिया) में होगी, जिसमें सिंह लग्न उदय हो रहा है। अमेरिका की स्थापना कुंडली में 12 मई तक शनि में राहु की अशुभ विंशोत्तरी दशा चल रही है, इससे पहले अमेरिका ईरान के प्रभाव वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में पड़ने वाले कुछ द्वीपों पर अपनी सेना उतार सकता है, जिससे युद्ध तेज होने की आशंका है। 1 जून को बृहस्पति के पारगमन से पहले इस युद्ध के पूरी तरह रुकने की संभावना बहुत कम है.

युद्ध में अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ईरान के बड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों से खाड़ी देशों में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात, जिसका मुख्य शहर दुबई है, को काफी नुकसान हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कुछ द्वीपों पर कब्जे को लेकर संयुक्त अरब अमीरात का ईरान के साथ बड़ा विवाद चल रहा है। संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना कुंडली (2 दिसंबर 1971 दोपहर 12 बजे दुबई) कुंभ लग्न की है। कुंभ लग्न की इस कुंडली में मंगल लग्न में, शनि और चंद्रमा चौथे (राष्ट्रीय संपत्ति) घर में और सूर्य और बृहस्पति दसवें घर (शाही सत्ता) में स्थित हैं, जो परस्पर केंद्र में होने से एक बड़ा ‘कारक योग’ बनाते हैं, जिससे संयुक्त अरब अमीरात खाड़ी देशों में एक बहुत समृद्ध राष्ट्र बन जाता है। संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना कुंडली में शुक्र में शनि में राहु की कठिन दशा 8 अप्रैल से प्रारंभ होगी। हानि के बारहवें घर में राहु का होना संयुक्त अरब अमीरात को युद्ध में कुछ बड़े नुकसान का संकेत दे रहा है। इस युद्ध के बढ़ने से यूएई में रहने वाले लाखों भारतीयों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

देश-दुनिया में बड़े बदलाव

ज्योतिषाचार्य एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने मंगल-शनि की युति पर ज्योतिषीय आकलन एवं भविष्यवाणी करते हुए बताया कि वाहन दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, मंदी, महामारी, युद्ध की आशंका है। रियल एस्टेट का कारोबार बढ़ेगा. विदेश में राजनीतिक उथल-पुथल, सत्ता परिवर्तन आदि की संभावना। देश-विदेश में नया कानून लागू होने की संभावना. पुलिस सेना कानून में विद्रोह या गलत निर्णय के संबंध में विवाद। भारतीय बाजारों में अचानक तेजी आएगी और कारोबार बढ़ेगा। अचानक किसी वस्तु की कीमत बढ़ जाएगी और वह वस्तु बाजार से गायब हो जाएगी। आग, भूकंप, गैस दुर्घटना, विमान दुर्घटना जैसी प्राकृतिक आपदा की आशंका है। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल चरम पर होगा। दुनिया भर में सीमाओं पर तनाव शुरू हो जाएगा. दुर्घटना की आशंका है. भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा की भी आशंका है. किसी विषय पर बड़े आंदोलन की संभावना. होटल और रेस्तरां मालिकों के लिए यह बहुत अच्छा समय होगा। किसी सांस्कृतिक विवाद या उथल-पुथल की आशंका है।

पूजा-पाठ और दान-पुण्य करें

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। लाल चंदन या सिन्दूर का तिलक लगाना चाहिए। तांबे के पात्र में गेहूं रखकर दान करना चाहिए। लाल वस्त्र दान करें. मसूर दाल का दान करें. शहद खाकर घर से निकलें। ‘हं हनुमते नम:’, ‘ऊ नम: शिवाय’, ‘हं पवननन्दनाय स्वाहा’ का जाप करें। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। मंगलवार के दिन बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं।
– डॉ. अनिश व्यास
भविष्यवक्ता और कुंडली विश्लेषक

यह भी पढ़ें: शीटला अष्टमी 2025: सभी दुखों को शीटला अष्टमी फास्ट से हटा दिया जाता है

यह भी पढ़ें: महा अष्टमी 2025: शरदिया महा दुर्गष्टमी फास्ट विश्वास और इच्छाओं की पूर्ति का प्रतीक है

यह भी पढ़ें: बुरी नजर का उपाय: आर्थिक तंगी से हैं परेशान तो काली मिर्च का यह ज्योतिषीय उपाय भर देगा आपकी तिजोरी

यह भी पढ़ें: शनि पारगमन 2026: 2026 में मीन राशि में शनि का महापरिवर्तन, इन 4 राशियों पर बरसेगा अपार धन, चमकेगी किस्मत

About ni 24 live

Writer and contributor.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!