धर्म

बैसाखी 2026: बैसाखी का त्योहार 14 अप्रैल को मनाया जाएगा

बैसाखी तब मनाई जाती है जब सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करते हैं। इसे मेष संक्रांति और वैशाख संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सूर्य देव की स्तुति और दान का विशेष महत्व होता है। किसान फसलों की कटाई का जश्न मनाने के लिए बैसाखी मनाते हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर, जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि बैसाखी के त्योहार तक रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है। ऐसे में किसान फसलों की कटाई की खुशी में बैसाखी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाते हैं. वहीं इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, जिसके कारण सूर्य देव की स्तुति करने के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है। बैसाखी को वैशाख संक्रांति और मेष संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा बताया गया है। ऐसे में जब वे अपनी राशि बदलते हैं तो इसका असर हर किसी पर दिखाई देता है। यही कारण है कि बैसाखी को नववर्ष भी माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इसे फसल का त्योहार भी माना जाता है और कहा जाता है कि जब फसल पककर तैयार हो जाती है तो खुशी के तौर पर बैसाखी मनाई जाती है. यह त्यौहार मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है। इस समय के दौरान, एक विशेष रबी की फसल पक जाती है और इसका जश्न मनाने के लिए लोग बैसाखी में नाचते, गाते और जश्न मनाते हैं। सूर्य पंचांग की बात करें तो बैसाखी को सिख नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। बैसाखी सिख समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी बहुत अधिक है। यह दिन नए सीज़न और आने वाले वर्ष की नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग एकत्रित होकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और अच्छी फसल तथा अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं।

यह भी पढ़ें: भगवान शिव मंदिर: नेपाल के पशुपतिनाथ जैसा वैभव, थाईलैंड से मॉरीशस तक फैले हैं भगवान शिव के ये मंदिर

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि बैसाखी का त्योहार नए सौर वर्ष की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। हर साल 13 या 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन को मेष संक्रांति कहा जाता है। इस दिन बैसाखी का त्यौहार भी मनाया जाता है। इस साल 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा और उसी दिन सिखों का त्योहार बैसाखी भी मनाया जाएगा।

बैसाखी 2026

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस वर्ष बैसाखी का त्योहार 14 अप्रैल, मंगलवार को मनाया जाएगा. इस दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पड़ रही है. 14 अप्रैल को सुबह 9:31 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। ऐसे में बैसाखी का त्योहार 14 तारीख को ही मनाया जाएगा. इस दिन पुण्य काल की तिथि सूर्योदय से लेकर शाम 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगी.
बैसाखी, मेष संक्रांति – 14 अप्रैल मंगलवार
सूर्य का मेष राशि में गोचर- 14 अप्रैल को सुबह 9:31 बजे.

मेष संक्रांति का प्रभाव

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि वर्ष एवं नक्षत्र के अनुसार यह महोदरी नामक संक्रांति होगी। ऐसे में सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। साथ ही मंगलवार संक्रांति के कारण तेल, घी, सब्जी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी होने की आशंका है. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. इसके अलावा कुछ राज्यों में राजनीति के क्षेत्र में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

वैशाख संक्रांति का महत्व

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है। इसके अलावा, किसान फसलों की कटाई का जश्न मनाने के लिए बैसाखी का त्योहार मनाते हैं। वैशाख संक्रांति पर स्नान और दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है। ऐसे में सूर्य के राशि परिवर्तन से हर किसी पर इसका असर देखने को मिलता है. इसीलिए बैसाखी को नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। मकर संक्रांति से किसान फसलों की कटाई शुरू कर देते हैं। इस दिन सूर्य देव की पूजा करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन लोग दिवाली की तरह अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और आंगन में रंगोली बनाते हैं। बैसाखी के त्योहार पर कई तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं और सिख समुदाय के लोग सुबह गुरुद्वारे जाते हैं। इस दिन कई जगहों पर मेले लगते हैं और घरों को रोशनी से सजाया जाता है।
– डॉ. अनिश व्यास
भविष्यवक्ता और कुंडली विश्लेषक

यह भी पढ़ें: ॐ नमः शिवाय जप नियम: सोमवार के दिन ऐसे करें ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप, भोलेनाथ प्रसन्न होकर देंगे वरदान.

यह भी पढ़ें: ज्योतिष टिप्स: रोज चबाएं बस एक इलायची, शुक्र और बुध करेंगे धन की वर्षा

यह भी पढ़ें: जया एकादशी 2026: जया एकादशी पर ये खास उपाय देगा ‘जीत’ का आशीर्वाद, खुल जाएंगे किस्मत के दरवाजे

यह भी पढ़ें: आ सीए रशफेल: एमआईएस 28 फरवरी 2025 दैनिक हार्डलाइन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!