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हेल्थ टिप्स: सर्दियों में बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द, ये 5 घरेलू और वैज्ञानिक उपाय देंगे तुरंत राहत, ठंड में मिलेगी गर्माहट

नवंबर का महीना खत्म होने को है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगी है. ठंड के मौसम में गठिया या जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। ठंडे तापमान के कारण हमारे शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। जिसके कारण जोड़ों में रक्त संचार कम हो जाता है। जिससे जोड़ों में अकड़न और सिकुड़न बढ़ जाती है।
वहीं, जब तापमान कम होता है तो जोड़ों के आसपास का श्लेष द्रव गाढ़ा हो जाता है। यह जोड़ों की प्राकृतिक चिकनाई को कम कर देता है। इस गाढ़ेपन के कारण जोड़ों में अधिक दर्द और हिलने-डुलने में कठिनाई होती है। वहीं सर्दियों में लोग शारीरिक गतिविधियां भी कम कर देते हैं। जिसके कारण जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ जाती है। इन्हीं कारणों से गठिया के मरीजों को सर्दियों में अपने स्वास्थ्य और जोड़ों की गर्मी का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। ऐसे में आज हम आपको इस लेख के माध्यम से गठिया के दर्द से राहत पाने के कुछ सरल और प्रभावी उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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गर्मी पहली जरूरत है

गठिया के दर्द से राहत पाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है गर्मी। जोड़ों को गर्म रखने के लिए 15-20 मिनट के लिए हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल लगाएं। गर्म पानी से नहाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। घर से बाहर निकलते समय जोड़ों को ऊनी कपड़ों और सहारे से ढककर रखें।

व्यायाम और गतिविधि महत्वपूर्ण हैं

ठंड के कारण गतिहीनता के कारण जोड़ों में अकड़न बढ़ जाती है। इसलिए मरीजों को रोजाना हल्का व्यायाम करना चाहिए। आप घर पर ही योगा, स्ट्रेचिंग या स्लो वॉकिंग कर सकते हैं। इससे जोड़ों में चिकनाई और लचीलापन बना रहता है।

जलयोजन और पोषक तत्वों से भरपूर आहार

ठंड के मौसम में अक्सर लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है. क्योंकि सर्दियों में लोग पानी कम पीते हैं. जिससे दर्द बढ़ सकता है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीते रहें। इसके अलावा, ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें और विटामिन डी के लिए धूप में बैठें।

घरेलू उपचार

अदरक और हल्दी दर्द से राहत पाने के प्राकृतिक उपाय हैं। इनमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। रोजाना हल्दी वाला दूध या अदरक की चाय का सेवन करना चाहिए। गंभीर दर्द होने पर घरेलू उपचार के बजाय रुमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

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