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नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक रहेगा नौतपा, इस दौरान क्या करें और क्या न करें?

इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलेगा। करीब 9 दिनों तक चलने वाली इस अवधि में अत्यधिक गर्मी पड़ने की संभावना रहती है. ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संकेत दे रही है कि इस दौरान कई जगहों पर तेज गर्म हवाएं और असहनीय तापमान देखने को मिल सकता है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर, जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष सूर्य 25 मई को 15:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसके बाद 8 जून को दोपहर 13:33 बजे तक यानि 15 दिनों तक सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहेगा। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के बाद नौतपा का प्रभाव नौ दिनों तक रहेगा। 8 जून को ही सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नौतपा भी शुरू हो जाएगा। नौतपा का अर्थ है नौ दिनों तक सूर्य का अपने उच्चतम तापमान पर रहना, यानी इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा का प्रभाव 25 मई 2026 से 2 जून 2026 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह अवधि साल के सबसे गर्म और प्रभावशाली दिनों में गिनी जाती है। ऐसा माना जाता है कि जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो नौतपा शुरू हो जाता है। इस दौरान सूर्य की चमक और अग्नि तत्व अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिसका सीधा असर पृथ्वी और मौसम पर दिखाई देता है। कहा जाता है कि नौतपा के दिनों में सूर्य की किरणें अधिक तीव्र होकर पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि इस समय अत्यधिक गर्मी और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है।

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ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि गर्मी का कहर अभी और तेज होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक हालांकि फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं हैं. दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है. भीषण गर्मी और लू को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले ही हीटवेव एडवाइजरी जारी कर दी है. इस बीच 25 मई से नौतपा शुरू होने जा रहा है, जो 2 जून तक चलेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान कई राज्यों में लू चलने की आशंका है और तापमान के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं.

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ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के आखिरी दिनों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है. दोपहर में सड़कों पर गर्म हवा के झोंके महसूस हो रहे हैं और कई राज्यों में लू जैसे हालात बनने लगे हैं. सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर में बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें, शरीर को हाइड्रेट रखें और धूप से बचें.

तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच सकता है

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि 25 मई से शुरू होने वाला नौतपा इस गर्मी को और भी बढ़ा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों सूरज की किरणें बेहद तेज हो जाती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले 9 दिनों में कई शहरों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुंच सकता है और लू का असर भी और खतरनाक हो सकता है.

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लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. अस्पतालों में निर्जलीकरण, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अगले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

कब शुरू होगा नौतपा?

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा तब होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। यह हर साल आता है और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। इस बार भी सूर्य 25 मई को 15:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और 8 जून तक यहीं रहेगा। 8 जून के बाद यह मृगशिरा नक्षत्र में चला जाएगा। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में जितने दिन रहता है। पृथ्वी भी इतने ही दिनों तक अत्यधिक गर्मी का अनुभव करती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्मी का मौसम 9 दिनों तक रहता है। यानी पृथ्वी पर लोगों को 9 दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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प्रभाव

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा के कारण संक्रमण में कमी आएगी। संक्रमण का असर न्यूनतम होगा. लोगों में अनुकूलता और स्वास्थ्य भी बढ़ेगा। खगोल विज्ञान के अनुसार इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लंबवत पड़ती हैं। जिससे तापमान बढ़ जाता है. यदि नौतपा के सभी दिन पानी भरा रहे तो यह अच्छी बारिश का संकेत है।

वृक्षारोपण

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में नौतपा के दौरान पौधे लगाना विशेष फलदायी माना गया है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण है बल्कि एक पुण्य कार्य भी माना जाता है। पीपल, नीम, बरगद या फलदार वृक्ष लगाने से सूर्य से जुड़ी अशुभता कम होती है।

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जल का दान

भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है। इसलिए इन दिनों में प्यासे लोगों को ठंडा पानी पिलाना, मटका दान करना या राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। इससे सूर्य दोष शांत होता है। यह सौभाग्य भी लाता है।

पौराणिक महत्व

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा का पौराणिक और ज्योतिषीय महत्व भी है। नौतपा का वर्णन ज्योतिष शास्त्र के सूर्य सिद्धांत और श्रीमद्भागवत में मिलता है। कहा जाता है कि जब से ज्योतिष शास्त्र की रचना हुई तभी से नौतपा भी चल रहा है। सनातन संस्कृति में सदियों से सूर्य को देवता के रूप में भी पूजा जाता रहा है। नौतपा को लेकर एक मान्यता प्रचलित है कि अगर आप नौतपा के सभी दिनों में पूरी तपस्या करेंगे तो आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। ज्योतिषियों का कहना है कि जब ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में चंद्रमा आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक अपनी स्थिति में होता है और इसके साथ ही अत्यधिक गर्मी होती है, तो इसे नौतपा कहा जाता है। यदि सूर्य रोहिणी नक्षत्र में हो तो उस दौरान वर्षा होती है तो इसे रोहिणी नक्षत्र का गलना भी कहते हैं।

मानसून गर्भधारण अवधि

कुंडली विश्लेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण यह मानसून का गर्भकाल होता है और इसीलिए नौतपा को मानसून का गर्भकाल माना जाता है। ऐसे में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है, तब चंद्रमा नौ राशियों में भ्रमण करता है।

परंपरा

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि परंपरा के अनुसार नौतपा के दौरान महिलाएं अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाती हैं। क्योंकि मेहंदी की ठंडी तासीर तेज गर्मी से राहत दिलाती है। इन दिनों में खूब पानी पिया जाता है और पानी का दान भी किया जाता है ताकि लोग पानी की कमी के कारण बीमार न पड़ें। इस भीषण गर्मी से बचने के लिए दही, मक्खन और दूध का प्रयोग अधिक किया जाता है। इसके साथ ही नारियल पानी और अन्य ठंडक देने वाली चीजों का भी सेवन करते हैं।

क्या करें और क्या न करें

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव से 25 मई से नवतपा प्रारंभ हो रहा है। नौतपा के दिनों में विवाह आदि शुभ यात्राओं में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहों की स्थिति को देखते हुए देश के पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। यह नौतपा 02 जून तक चलेगा। .नौतपा के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहता है। इसके फलस्वरूप सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिस दौरान अत्यधिक गर्मी देखने को मिलती है। सूर्य की वर्तमान स्थिति अशुभ फल दे सकती है। वृषभ राशि वालों के लिए वर्तमान समय खराब है।

सूर्य पूजा

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य की आराधना विशेष फलदायी होती है। सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करें और सूर्य को जल चढ़ाएं। जल के लोटे में कुमकुम डालकर सूर्य को जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय सूर्य देव के मंत्र ॐ घृणि सूर्याय नमः या ॐ सूर्यदेवाय नमः का लगातार जाप करें।

– डॉ. अनिश व्यास

भविष्यवक्ता और कुंडली विश्लेषक

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