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अवैध टैरिफ रिफंड: ट्रम्प के $175 बिलियन के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का भयंकर प्रहार, जानें कैसे वापस मिलेगा पैसा!

प्रतिनिधित्व के लिए प्रयुक्त छवि | फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स

अवैध टैरिफ रिफंड का मुद्दा अब अमेरिकी न्यायिक और व्यापारिक इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक पर पहुंच गया है। शुक्रवार (6 मार्च, 2026) को एक अमेरिकी न्यायाधीश अभियोजकों के साथ बंद दरवाजे के पीछे एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान अवैध रूप से एकत्र किए गए 175 बिलियन डॉलर के विशाल टैरिफ को वापस करने की जटिल प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। अदालत के एक अधिकारी ने इस गुप्त बैठक को “निपटान सम्मेलन” (Settlement Conference) करार दिया है।

अवैध टैरिफ रिफंड की जटिल प्रक्रिया और ‘बंद कमरे’ का निपटान सम्मेलन

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय के न्यायाधीश रिचर्ड ईटन उन वकीलों से मुलाकात करेंगे जो उस सीमा शुल्क एजेंसी (CBP) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो 300,000 से अधिक आयातकों को प्रतिपूर्ति (Refund) देने के लिए जिम्मेदार है। इन आयातकों ने वह टैरिफ चुकाया था जिसे पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से असंवैधानिक घोषित कर दिया था।

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अभियोजकों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित इस टैरिफ को वापस लेने का दायरा अभूतपूर्व है। इसके लिए लाखों टैरिफ भुगतानों की एक-एक करके मैन्युअल समीक्षा करने की आवश्यकता होगी, जो एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। आमतौर पर अमेरिकी अदालतें जनता के लिए खुली होती हैं, लेकिन वाणिज्यिक न्यायालय की क्लर्क जीना जस्टिस ने पुष्टि की है कि यह एक “निपटान सम्मेलन” है, इसलिए इसे जनता और मीडिया से दूर रखा गया है।

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ट्रम्प के अवैध टैरिफ रिफंड में ‘एटमॉस फिल्ट्रेशन इंक’ की अहम भूमिका

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि न्यायाधीश ईटन जिस अवैध टैरिफ रिफंड प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं, उसकी शुरुआत एक एकल आयातक—’एटमॉस फिल्ट्रेशन इंक’ (Atmos Filtration Inc.) द्वारा दायर किए गए मामले से हुई थी। एटमॉस ने अदालत में दावा किया था कि उसने अवैध टैरिफ के रूप में 11 मिलियन डॉलर का भुगतान किया है।

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बुधवार को, न्यायाधीश ईटन ने एटमॉस मामले में एक व्यापक और ऐतिहासिक आदेश जारी किया। उन्होंने यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) को निर्देश दिया कि वह अपनी मौजूदा आंतरिक प्रक्रिया का उपयोग करते हुए संभावित रूप से अवैध रूप से एकत्र किए गए सैकड़ों हजारों टैरिफ आयातकों को वापस करना शुरू करे। यह आदेश केवल एटमॉस तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी आयातकों पर लागू होता है जो इस नीति से प्रभावित हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और अवैध टैरिफ रिफंड की संभावित “अराजकता”

20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ की एक विस्तृत श्रृंखला को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपने कार्यकारी अधिकारों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया था। इस फैसले ने ट्रम्प की आर्थिक नीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ को ध्वस्त कर दिया।

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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं दिया कि यह पैसा वापस कैसे किया जाएगा। यहां तक कि असहमति जताने वाले न्यायमूर्ति ब्रेट कैवानुआघ ने चेतावनी दी थी कि यह पूरी प्रक्रिया एक बड़ी “गड़बड़” या अराजकता का कारण बन सकती है। चूंकि प्रभावित आयातकों में से अधिकांश छोटे और मध्यम दर्जे के व्यवसाय हैं, इसलिए उन्हें चिंता है कि यह अवैध टैरिफ रिफंड प्रक्रिया बेहद महंगी, जटिल और समय बर्बाद करने वाली साबित हो सकती है।

आगे क्या? अवैध टैरिफ रिफंड पर शुक्रवार की अहम सुनवाई के संभावित नतीजे

न्यायाधीश ईटन एक ऐसी सुव्यवस्थित प्रणाली विकसित करना चाहते हैं जिसके लिए लाखों आयातकों को व्यक्तिगत रूप से अदालत के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे (ET) एक बैठक बुलाई है, जिसमें 79 मिलियन से अधिक शिपमेंट पर रिफंड जारी करने के तरीके पर चर्चा होगी।

  • न्यायाधीश ने कहा: “मुझे नहीं लगता कि यह प्रक्रिया अराजक होनी चाहिए। हम सीमा शुल्क सेवा से यह सुनने जा रहे हैं कि यह बिना कागजी कार्रवाई में उलझे कैसे आगे बढ़ेगा।”

  • व्यापार रिफंड मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक के परिणामस्वरूप जल्द ही एक पारदर्शी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाएगी, जो मुकदमों की आवश्यकता के बिना ही छोटे और बड़े दोनों प्रकार के आयातकों को अपेक्षाकृत त्वरित अवैध टैरिफ रिफंड प्रदान करेगी।

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