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फर्जी इसरो वैज्ञानिक का सनसनीखेज पर्दाफाश: मैट्रिमोनियल साइट्स पर 50 से अधिक महिलाओं से करोड़ों की ठगी

फर्जी इसरो वैज्ञानिक का सनसनीखेज पर्दाफाश: मैट्रिमोनियल साइट्स पर 50 से अधिक महिलाओं से करोड़ों की ठगी

फर्जी इसरो वैज्ञानिक (Fake ISRO Scientist) और कभी-कभी खुद को लोक निर्माण विभाग (PWD) का एक ‘वरिष्ठ अधिकारी’ बताकर भोली-भाली महिलाओं को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। 34 वर्षीय इस व्यक्ति ने वैवाहिक वेबसाइटों (Matrimonial Websites) और डेटिंग ऐप्स (Dating Apps) पर धोखे का एक ऐसा विस्तृत और खौफनाक जाल बुना, जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। शादी का झूठा वादा करके इस व्यक्ति ने विशेष रूप से उच्च शिक्षित और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिलाओं को अपना निशाना बनाया और उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।

फर्जी इसरो वैज्ञानिक का शिकार: पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर महिलाएं

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह ठग कम से कम 12 फर्जी पहचानों (Fake Identities), जाली आधार कार्ड और बड़ी ही चालाकी से बनाए गए मनगढ़ंत आधिकारिक आईडी कार्ड का इस्तेमाल करता था। फर्जी इसरो वैज्ञानिक बनकर उसने अपने पीड़ितों का विश्वास हासिल किया, उनके साथ अंतरंग संबंध स्थापित किए और फिर बड़ी ही चतुराई से उन्हें भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करना शुरू किया।

उसका काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। वह इन महिलाओं को “अपने साझा भविष्य को सुरक्षित करने” का झांसा देता था और उन्हें संपत्ति या जमीन में निवेश करने के नाम पर भारी-भरकम व्यक्तिगत ऋण (Personal Loans) लेने के लिए राजी कर लेता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं द्वारा लिया गया यह पैसा ठग के चचेरे भाई की मदद से संचालित बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिसे बाद में गोवा के महंगे कसीनो (Casinos) और जुए के फड़ में उड़ा दिया जाता था।

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फर्जी इसरो वैज्ञानिक की असलियत: सिर्फ 10वीं पास और एक हिस्ट्रीशीटर

अपने बारे में किए गए सभी बड़े और शानदार दावों के ठीक विपरीत, अलीबाग का रहने वाला यह मुख्य आरोपी ‘आदर्श म्हात्रे’ असल में सिर्फ एसएससी (10वीं) पास है। जांच में पता चला है कि यह फर्जी इसरो वैज्ञानिक कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है।

उसके खिलाफ पहले से ही मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कम से कम 10 एफआईआर (FIR) दर्ज हैं। नवी मुंबई पुलिस को गहरा संदेह है कि इस शातिर अपराधी ने लगभग 50 से अधिक महिलाओं को अपना शिकार बनाया होगा। हालांकि, सामाजिक कलंक, बदनामी के डर और अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण कई पीड़ित महिलाएं सामने आकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने से कतरा रही हैं। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, अब तक की गई धोखाधड़ी की कुल रकम कम से कम 1 करोड़ रुपये से अधिक है।

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पुलिस कार्रवाई और फर्जी इसरो वैज्ञानिक की गिरफ्तारी

इस फर्जी इसरो वैज्ञानिक यानी आदर्श म्हात्रे को पुलिस ने 20 फरवरी को एक गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया और अदालत ने उसे 4 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

नवी मुंबई अपराध शाखा (Crime Branch) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील शिंदे ने इस मामले पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पूरे रैकेट में उसका साथ देने वाले पनवेल निवासी उसके 21 वर्षीय चचेरे भाई ‘प्रेम म्हात्रे’ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रेम पर आरोप है कि उसने धोखाधड़ी से प्राप्त धन के हस्तांतरण (Money Transfer) को सुविधाजनक बनाने के लिए अपने व्यक्तिगत बैंक खाते का विवरण प्रदान किया था।

डीसीपी (अपराध) सचिन गुंजल ने विस्तार से बताया कि आरोपी आदर्श ने जानबूझकर समाज के एक खास वर्ग को निशाना बनाया। उसकी हिटलिस्ट में आईटी इंजीनियर, डॉक्टर, बैंकर और सरकारी अधिकारी जैसे पेशेवर महिलाओं के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत विधवाएं और अविवाहित महिलाएं शामिल थीं। डीसीपी गुंजल ने कहा, “वह बड़ी सावधानी और चालाकी से रिश्ते बनाता था, खुद की एक सफल, अमीर और सम्मानजनक छवि पेश करता था और फिर उनकी भावनाओं और भरोसे का क्रूरता से फायदा उठाता था।”

फर्जी इसरो वैज्ञानिक द्वारा 20 लाख की ठगी का एक विशिष्ट मामला

इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ, पुलिस ने अब तक रबाले और पनवेल सिटी पुलिस स्टेशनों में पिछले साल अक्टूबर और इस साल जनवरी में दर्ज किए गए दो बड़े मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है।

रबाले पुलिस स्टेशन में दर्ज एक विशिष्ट मामले में, आदर्श ने एक प्रसिद्ध वैवाहिक मंच पर अपनी फर्जी प्रोफाइल “स्वप्निल वारुले” के नाम से बनाई थी। इस पहचान के जरिए उसने ऐरोली की रहने वाली एक उच्च शिक्षित आईटी इंजीनियर से संपर्क किया। पीड़िता ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया है कि फर्जी इसरो वैज्ञानिक बनकर इस व्यक्ति ने न केवल उसके साथ 20 लाख रुपये की गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की, बल्कि उसका यौन उत्पीड़न भी किया।

आरोपी ने पीड़िता को 20 लाख रुपये का पूर्व-अनुमोदित व्यक्तिगत ऋण (Pre-approved personal loan) लेने के लिए राजी कर लिया था। उसने यह झूठा दावा किया था कि वह शादी से पहले उनके सुनहरे भविष्य के लिए निवेश के तौर पर सूरत (गुजरात) में एक महंगी जमीन खरीद रहा है, जिसके लिए उसे तुरंत धन की आवश्यकता है। पीड़िता ने उसके झांसे में आकर यह पूरी रकम आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ट्रांसफर कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस संदिग्ध खाते को फ्रीज कर दिया है, जिसमें 14.5 लाख रुपये मौजूद थे।

गोवा के कसीनो और फर्जी इसरो वैज्ञानिक से पैसों की बरामदगी

पुलिस जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कम से कम चार अन्य महिलाओं को भी ठीक इसी कार्यप्रणाली के तहत धोखा दिया गया था। बदनामी के डर से उन्होंने अलग से शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को मजबूत करने के लिए उन्हें रबाले एफआईआर में मुख्य गवाह बना लिया है।

डीसीपी गुंजल के मुताबिक, आरोपियों ने ठगी गई इस बड़ी रकम का एक बड़ा हिस्सा गोवा के आलीशान फाइव-स्टार होटलों और हाई-एंड कैसीनो में जुआ खेलने में उड़ा दिया। ऐरोली की मुख्य शिकायतकर्ता और अन्य चार गवाहों से ठगी गई कुल संयुक्त राशि लगभग 97 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम ने शानदार काम करते हुए आरोपी द्वारा गोवा कैसीनो में खर्च किए गए 89.4 लाख रुपये सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं।

फर्जी इसरो वैज्ञानिक मामले के बाद पुलिस की जनता से अपील

जांच के दौरान, पुलिस टीम ने आरोपी के पास से कई अत्यधिक संवेदनशील और जाली पहचान दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले फर्जी आधार कार्ड, विभिन्न सरकारी विभागों के फर्जी आईडी कार्ड और फर्जी इसरो वैज्ञानिक होने के झूठे प्रमाण पत्र शामिल हैं।

मुंबई और नवी मुंबई पुलिस ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से एक सख्त अपील की है। पुलिस ने आग्रह किया है कि वैवाहिक वेबसाइटों (Matrimony Sites) और डेटिंग ऐप्स का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी व्यक्ति के वैवाहिक प्रस्ताव को स्वीकार करने, वित्तीय लेनदेन करने या उनके साथ गहरे संबंध विकसित करने से पहले उनकी पारिवारिक, शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि (Background Verification) को व्यक्तिगत स्तर पर अच्छी तरह से सत्यापित (Verify) अवश्य करें।

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