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टी20 वर्ल्ड कप: ‘परफेक्ट गेम’ के बेहद करीब है दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड पर धमाकेदार जीत के बाद बोले एडेन मार्कराम

टी20 वर्ल्ड कप: ‘परफेक्ट गेम’ के बेहद करीब है दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड पर धमाकेदार जीत के बाद बोले एडेन मार्कराम

टी20 वर्ल्ड कप | न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका अपनी पूरी क्षमता के काफी करीब था: मार्कराम

अहमदाबाद: आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026टी20 विश्व कप 2026: सभी टीमों की पूरी टीम के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त देकर सुपर-8 की राह लगभग साफ कर ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शनिवार रात मिली इस जीत ने न केवल प्रोटियाज टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि कप्तान एडेन मार्कराम को यह भरोसा भी दिलाया है कि उनकी टीम अब अपनी पूरी क्षमता (Full Potential) के साथ प्रदर्शन करने के “काफी करीब” पहुंच गई है।

गेंदबाजी से लेकर बल्लेबाजी तक, दक्षिण अफ्रीका ने खेल के हर विभाग में कीवियों को पछाड़ा। पहले गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 175 रनों पर सीमित कर दिया और फिर कप्तान मार्कराम की नाबाद 86 रनों की कप्तानी पारी की बदौलत लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया।


रणनीति और सटीक गेंदबाजी का संगम

मैच के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्कराम ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “निश्चित रूप से आज रात हम अपनी पूरी क्षमता के बहुत करीब थे। मुझे लगा कि मैदान पर हमारे सभी विभाग वास्तव में सक्रिय थे। जिस पिच पर हमें लग रहा था कि 200 रन बन सकते हैं, वहां उन्हें 175 के स्कोर के नीचे रोकना एक बड़ी उपलब्धि थी।”

मार्कराम ने अपने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने परिस्थितियों को बहुत चतुराई से समझा। उन्होंने बताया कि गेंदबाजों ने गति में बदलाव (Pace Variations) का इस्तेमाल किसी रटी-रटाई योजना के तहत नहीं, बल्कि बल्लेबाजों के रुख को देखते हुए किया।

“मैदान पर असली राज ‘दृढ़ विश्वास’ और वह ‘आंतरिक भावना’ (Inner Instinct) थी। जब न्यूजीलैंड के मार्क चैपमैन और डेरिल मिशेल के बीच साझेदारी पनप रही थी, तब हमारे गेंदबाजों ने संयम नहीं खोया। गेंदबाजी में लचीलापन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रही,” मार्कराम ने विस्तार से बताया।


अहमदाबाद का माहौल और ओस का प्रभाव

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद करीब 55,000 दर्शकों ने इस मुकाबले को और भी यादगार बना दिया। मार्कराम ने प्रशंसकों की ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के रूप में वे इतनी बड़ी भीड़ के सामने खेलना पसंद करते हैं।

मैच के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए कप्तान ने स्वीकार किया कि दूसरी पारी में ओस ने उनकी राह थोड़ी आसान कर दी। उन्होंने कहा, “रात बीतने के साथ सतह और बेहतर होती गई। ओस बहुत ज्यादा तो नहीं थी, लेकिन इतनी जरूर थी कि गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आ रही थी, जिससे लक्ष्य का पीछा करना सुखद रहा।”


“मैं ‘स्लॉगर’ नहीं हूं, लेकिन इरादे स्पष्ट हैं”

लक्ष्य का पीछा करते हुए मार्कराम ने खुद आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उनकी नाबाद 86 रनों की पारी ने मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया। अपनी बल्लेबाजी शैली पर बात करते हुए मार्कराम ने एक बहुत ही व्यावहारिक बात कही।

उन्होंने कहा, “आप केवल लड़कों को उपदेश (Preach) नहीं दे सकते, आपको खुद भी वैसा करना होता है। मुझे नहीं लगता कि मैं एक पारंपरिक ‘स्लॉगर’ (बड़े शॉट लगाने वाला) बनूंगा। मेरा तरीका अलग है, लेकिन मेरा इरादा हमेशा सकारात्मक रहता है ताकि टीम को एक ठोस और तेज शुरुआत मिल सके।”


आगे की राह: सुपर-8 की दहलीज पर प्रोटियाज

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप स्टेज में अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। जिस तरह से टीम ने एक संतुलित और अनुशासित खेल दिखाया है, उसने अन्य दावेदार टीमों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। मार्कराम की अगुवाई में यह टीम अब उस ‘चोकर्स’ के टैग को पीछे छोड़कर एक क्लिनिकल और प्रोफेशनल यूनिट की तरह उभरती दिख रही है।


फोटो साभार: विजय सोनीजी (पीटीआई)

प्रकाशित: 15 फरवरी, 2026 | सुबह 10:18 IST

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