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दिल्ली अग्निशमन सेवा में बड़ा बदलाव: LG संधू का पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती का सख्त निर्देश

नई दिल्ली:

दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) में लंबे समय से चल रही कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अब एक बड़े और सख्त कदम की तैयारी हो रही है। हाल ही में हुए दर्दनाक मालवीय नगर अग्निकांड (जिसमें 22 लोगों की जान चली गई थी) के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इस त्रासदी के कुछ ही दिनों बाद, सोमवार को उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने एक कड़ा और अहम सुझाव दिया है। उन्होंने मौजूदा जनशक्ति संकट से निपटने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) में पूर्व अग्निशमन कर्मियों और पूर्व-अग्निवीरों को शामिल करने का निर्देश दिया है।

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यह कदम न केवल विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में किसी भी बड़ी त्रासदी से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) सुनिश्चित करेगा।

दिल्ली अग्निशमन सेवा को मजबूत करने के लिए DDMA की अहम बैठक

सोमवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, लोक निर्माण मंत्री परवेश साहिब सिंह और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।

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इस बैठक का मुख्य एजेंडा दिल्ली अग्निशमन सेवा में रिक्तियों को जल्द से जल्द भरना और नागरिक निगरानी (Civil Vigilance) को और अधिक मजबूत बनाना था।

बैठक के मुख्य और अहम फैसले:

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जनता की सुरक्षा सर्वोपरि, लेकिन न हो परेशानी

अवैध और कमजोर संरचनाओं तथा लाइसेंस के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहे प्रवर्तन अभियानों (Enforcement Drives) की समीक्षा करते हुए LG ने एक सख्त लेकिन जनहितैषी रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा मानदंडों का 100% पालन सुनिश्चित होना चाहिए, लेकिन इस कार्रवाई की आड़ में आम निवासियों को किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।

हाल ही में सैदुलजाब इलाके में इमारत गिरने और मालवीय नगर में आग लगने की घटनाओं के बाद दिल्ली सरकार ने अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है।

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दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

उपराज्यपाल ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि अग्निशमन विभाग ने कई मामलों में एक भी नोटिस जारी नहीं किया। उन्होंने DFS के प्रधान निदेशक को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संधू ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अधिकारियों की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही, काम में देरी या प्रदर्शन में विफलता का सीधा असर उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) की ग्रेडिंग पर पड़ेगा।

राजधानी में बहानेबाजी के लिए कोई जगह नहीं है, और सभी एजेंसियों को एक मजबूत टीम की तरह परिणाम देने के लिए काम करना होगा।

नागरिक भागीदारी: MCD 311 ऐप का इस्तेमाल

अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए LG ने सुझाव दिया है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) को नागरिकों को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहिए। लोग अपने मोबाइल से सीधे MCD के ‘311 ऐप’ (Public 311 App) और पोर्टल पर चल रहे अवैध निर्माणों की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं, जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके।

मानसून की तैयारी और निष्कर्ष

बैठक के अंत में, गर्मी से संबंधित आपदा प्रबंधन उपायों और आगामी मानसून की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के रिस्पांस टाइम को सुधारने के लिए शहर भर में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी मुहर लगाई गई है।

LG संधू ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की भौगोलिक और संरचनात्मक कमजोरियां एक बड़ी चुनौती जरूर हैं, लेकिन यही वह समय है जब हम अपने सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं। बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति से निपटने के लिए जीरो-टॉलरेंस (Zero-Tolerance) नीति अपनाई जाएगी।

(शीर्षक को छोड़कर, यह कहानी  NI 24 LIVE द्वारा संपादित नहीं की गई है और एक सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित हुई है।)


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