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नेपाल चुनाव 2026: जेन जेड के ऐतिहासिक विद्रोह के बाद सत्ता का महासंग्राम, 60% मतदान दर्ज

नेपाल चुनाव 2026 की शुरुआत गुरुवार (5 मार्च, 2026) को एक ऐतिहासिक मतदान के साथ हुई। पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक और सत्ता-परिवर्तक ‘जेन जेड’ (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों के बाद यह देश का पहला चुनाव है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, नेपाल की जनता ने बदलाव की उम्मीद में करीब 60% मतदान किया है।

कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने गुरुवार शाम 5 बजे मतदान समाप्त होने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि करते हुए कहा, “हमारा प्रारंभिक आकलन है कि इस चुनाव में लगभग 60% वोट डाले गए हैं।”

नेपाल चुनाव 2026: जेन जेड के प्रदर्शन से लेकर मतदान तक का सफर

नेपाल की राजनीति में पिछले कुछ महीने उथल-पुथल भरे रहे हैं। नौकरियों की कमी, स्वच्छ शासन और जवाबदेही की मांग को लेकर युवाओं (Gen Z) ने पूरे देश में उग्र विरोध प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप:

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  • तत्कालीन केपी शर्मा ओली सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा।

  • 12 सितंबर 2025 को पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ और संसद भंग कर दी गई।

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  • विरोध प्रदर्शनों के दौरान 77 लोगों की दुखद मौत हुई, लेकिन इसके बाद मतदाता सूची में लगभग 1 मिलियन (10 लाख) नए युवा मतदाता जोड़े गए, जो अब इस चुनाव के निर्णायक साबित हो सकते हैं।

अंतरिम प्रधानमंत्री सुश्री कार्की ने मतदान के दिन चुनाव अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “लोकतंत्र की खूबसूरती लोगों की भागीदारी है।”

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नेपाल चुनाव 2026 में शांतिपूर्ण मतदान और चुनाव आयोग के आंकड़े

275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए नेपाल के सभी 77 जिलों में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ।

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  • 165 सीटें: फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (FPTP) प्रणाली के तहत।

  • 110 सीटें: आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत।

चुनाव आयोग के अनुसार, 77 जिलों में 10,963 मतदान केंद्रों पर 23,112 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। कुछ छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर पूरे देश में मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुल 1.89 करोड़ (18.9 मिलियन) नेपाली नागरिक वोट देने के पात्र थे।

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नेपाल चुनाव 2026 के प्रमुख चेहरे: बालेन शाह बनाम केपी शर्मा ओली

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रमुख और युवाओं के बीच लोकप्रिय नेता बालेंद्र शाह (बालेन शाह) को अगला प्रधानमंत्री माना जा रहा है, बशर्ते वह झापा-5 सीट पर केपी शर्मा ओली को हरा दें और उनकी पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरे।

मतदान समाप्त होने के बाद बालेन शाह ने फेसबुक पर लिखा: “आपकी वजह से, आज लोकतंत्र की जीत हुई है।” हालांकि शाह सीधे तौर पर सितंबर के प्रदर्शनों का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन्होंने युवाओं का समर्थन किया था। विश्लेषकों का मानना है कि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल है, और नेपाल एक ‘त्रिशंकु संसद’ (Hung Parliament) और गठबंधन सरकार की ओर बढ़ सकता है।

चुनाव वर्षनेपाल में मतदाता मतदान प्रतिशत (Voter Turnout)
2008 (पहली संविधान सभा)61.7%
2013 (संविधान सभा)78.3% (सर्वाधिक)
2017 (आम चुनाव)68.7%
2022 (आम चुनाव)61.4%
2026 (वर्तमान चुनाव)~60% (प्रारंभिक अनुमान)

दिग्गज नेता जो नेपाल चुनाव 2026 में अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर कर रहे हैं मतदान

नेपाली राजनीति की कई प्रमुख हस्तियों ने अपने चुनाव लड़ने वाले क्षेत्रों के बजाय अन्य जगहों पर मतदान किया:

  • केपी शर्मा ओली: झापा-5 से उम्मीदवार हैं, लेकिन उन्होंने बालकोट (भक्तपुर) में मतदान किया।

  • बालेन शाह: काठमांडू-II में वोट डाला, जबकि झापा-5 से ओली के खिलाफ मैदान में हैं।

  • गगन थापा: नवनिर्वाचित नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष ने काठमांडू में मतदान किया, जबकि वह सरलाही-4 से चुनाव लड़ रहे हैं।

  • पुष्प कमल दहल (प्रचंड): चितवन-3 से मतदान किया, लेकिन रुकुम-1 (माओवादियों का पूर्व गढ़) से चुनाव लड़ रहे हैं।

शेर बहादुर देउबा की चौंकाने वाली अनुपस्थिति और नेपाल चुनाव 2026 का सस्पेंस

इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा पांच बार के प्रधानमंत्री रहे 79 वर्षीय शेर बहादुर देउबा की अनुपस्थिति की रही। वह 25 फरवरी को “नियमित उपचार” के लिए सिंगापुर रवाना हुए थे और वोट डालने के लिए वापस नहीं लौटे।

देउबा के लिए यह साल राजनीतिक रूप से विनाशकारी रहा है:

  1. जनवरी में नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाकर गगन थापा को कमान सौंपी गई।

  2. 9 सितंबर को युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान देउबा और उनकी पत्नी को उनके घर पर प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।

  3. 1990 के बाद से सभी सात चुनाव जीतने वाले देउबा को इस बार पार्टी ने टिकट ही नहीं दिया।

अंतिम परिणाम घोषित होने में अभी कई दिन लग सकते हैं, लेकिन इस नेपाल चुनाव 2026 ने देश की सत्ता के गलियारों में युवाओं की शक्ति को स्पष्ट रूप से स्थापित कर दिया है।

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