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रणजी ट्रॉफी फाइनल: औकिब नबी की खौफनाक गेंदबाजी से मचा तहलका, कर्नाटक के दिग्गजों ने टेके घुटने!

रणजी ट्रॉफी फाइनल का तीसरा दिन एक बेहद रोमांचक और चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। क्रिकेट की दुनिया में एक पुरानी कहावत है—’किसी को एक इंच दो और वह एक मील ले लेगा।’ जम्मू-कश्मीर के घातक तेज गेंदबाज औकिब नबी ने इस कहावत को बिल्कुल सच साबित कर दिया है और दिखा दिया है कि वह वर्तमान में भारतीय घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चा में क्यों हैं।

गुरुवार को केएससीए (KSCA) राजनगर स्टेडियम में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले के तीसरे दिन, नबी ने अपनी स्विंग और सीम का ऐसा जादू चलाया कि कर्नाटक का विश्वस्तरीय शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। आइए, इस महामुकाबले के तीसरे दिन के खेल का विस्तृत और पेशेवर विश्लेषण करते हैं।

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🌪️ औकिब नबी का ‘विनाशकारी’ स्पेल और कर्नाटक का पतन

मुख्य रूप से बल्लेबाजी के लिए अनुकूल, लेकिन ‘ऑफ-द-सीम’ मूवमेंट में हल्की मदद करने वाली पिच पर, औकिब नबी ने एक ऐसा स्पेल डाला जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कुल पांच विनाशकारी ओवर फेंके (लंच से पहले एक और बाद में चार), जिसने केएल राहुल, करुण नायर और आर स्मरण जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के 584 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर के दबाव में, कर्नाटक की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही और टीम का स्कोर एक समय चार विकेट पर 57 रन हो गया।

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  • सटीक रणनीति: 29 वर्षीय नबी ने अपने तीनों विकेट एक ही सटीक लेंथ से चटकाए। उन्होंने गुड लेंथ पर गेंद डालकर स्टंप्स को निशाना बनाया और बल्लेबाजों को बैकफुट पर खेलने के लिए मजबूर किया।

  • दिग्गजों का शिकार: केएल राहुल चौंक गए और विकेटकीपर को कैच थमा बैठे। इसके ठीक बाद करुण नायर को नबी ने शानदार तरीके से क्लीन बोल्ड (Clean Bowled) किया। अगली ही गेंद पर बाएं हाथ के बल्लेबाज आर स्मरण को विकेटकीपर कन्हैया वधावन ने ‘गोल्डन डक’ (शून्य) पर लपक लिया।

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दूसरे छोर से बाएं हाथ के गेंदबाज सुनील कुमार ने भी दबाव बनाए रखा और कप्तान देवदत्त पडिक्कल को पहली स्लिप में अब्दुल समद के हाथों कैच कराकर कर्नाटक को बैकफुट पर धकेल दिया।

🏏 मयंक अग्रवाल का ‘वन-मैन शो’ और जुझारू शतक

एक छोर से गिरते विकेटों के बीच, कर्नाटक के अनुभवी सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने अकेले किला लड़ाया। वह एक छोर पर चट्टान की तरह डटे रहे और 130 रन (207 गेंदें, 17 चौके) बनाकर नाबाद लौटे। यह मयंक के प्रथम श्रेणी क्रिकेट (First-Class Cricket) करियर का 21वां और अपने राज्य के लिए 14वां शतक है।

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मयंक ने पहले पांचवें विकेट के लिए श्रेयस गोपाल (27 रन) के साथ 105 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इसके बाद, विकेटकीपर-बल्लेबाज क्रुथिक कृष्णा (नाबाद 27) के साथ मिलकर 58 रनों की अटूट साझेदारी की, जिससे तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कर्नाटक का स्कोर पांच विकेट पर 220 रन तक पहुंच सका।

⚡ प्रसिद्ध कृष्णा का ‘फाइफर’ (5 विकेट हॉल)

तीसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में, जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली पारी रात के स्कोर छह विकेट पर 527 रन से आगे बढ़ाई थी। हालांकि, वे केवल 57 रन और जोड़ सके।

कर्नाटक के अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार वापसी करते हुए जेएंडके के निचले क्रम को समेट दिया। प्रसिद्ध ने 34.1 ओवर में 98 रन देकर 5 विकेट झटके। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का चौथा ‘फाइव-विकेट हॉल’ (Five-wicket haul) था। जम्मू-कश्मीर की ओर से शुभम पुंडीर (121) और यावर हसन (88) ने सबसे अधिक रन बनाए।


📊 संक्षिप्त स्कोरकार्ड (Brief Scorecard)

जम्मू और कश्मीर (पहली पारी): 584 ऑल आउट (173.1 ओवर)

  • प्रमुख बल्लेबाज: शुभम पुंडीर (121), यावर हसन (88), साहिल लोत्रा (72), पारस डोगरा (70), कन्हैया वधावन (70), अब्दुल समद (61)।

  • कर्नाटक की गेंदबाजी: प्रसिद्ध कृष्णा (34.1-7-98-5), विद्याधर (1 विकेट), विशाक (1 विकेट), श्रेयस गोपाल (1 विकेट), शिखर (1 विकेट)।

कर्नाटक (पहली पारी): 220/5 (69 ओवर – स्टंप्स तक)

  • प्रमुख बल्लेबाज: मयंक अग्रवाल (130*), श्रेयस गोपाल (27), क्रुथिक कृष्णा (27*)।

  • जम्मू-कश्मीर की गेंदबाजी: औकिब नबी (14-3-32-3), सुनील कुमार (14-3-45-1), युद्धवीर सिंह (10-3-32-1)।

रणजी ट्रॉफी फाइनल अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर है। यदि औकिब नबी चौथे दिन की सुबह कर्नाटक के निचले क्रम को जल्दी समेटने में सफल रहते हैं, तो जम्मू-कश्मीर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने के एक कदम और करीब पहुंच जाएगा।

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