खेल जगत

चिन्नास्वामी स्टेडियम में वापस लौटेगा आईपीएल का रोमांच

चिन्नास्वामी स्टेडियम में वापस लौटेगा आईपीएल का रोमांच

2025 की दुखद भगदड़ के बाद कर्नाटक सरकार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़े क्रिकेट मैचों के आयोजन को दी सशर्त मंजूरी, क्रिकेट जारी है, लेकिन अभी तक कोई जवाबदेही नहीं है।’

बेंगलुरु, 23 फरवरी 2026: लंबे समय से चल रहे विचार-विमर्श और सुरक्षा मापदंडों की गहन समीक्षा के बाद, कर्नाटक कैबिनेट ने बेंगलुरु के प्रतिष्ठित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़े क्रिकेट मैचों, विशेष रूप से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आयोजन को सशर्त मंजूरी दे दी है। यह निर्णय पिछले साल जून 2025 में हुई उस हृदयविदारक घटना के आठ महीने बाद आया है, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की खिताबी जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 निर्दोष प्रशंसकों की जान चली गई थी।

जून 2025 की त्रासदी: जश्न कैसे बदला मातम में

4 जून, 2025 का दिन बेंगलुरु के खेल इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आरसीबी ने अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और अपनी टीम का जश्न मनाने के लिए 2.5 लाख से अधिक बिना टिकट वाले प्रशंसक स्टेडियम के बाहर जमा हो गए थे।

मुख्यमंत्री द्वारा विधान सौध की सीढ़ियों पर टीम के खुले आसमान के नीचे अभिनंदन और विजय परेड की घोषणा (जो अंततः रद्द कर दी गई) ने भीड़ को और अनियंत्रित कर दिया। इस अभूतपूर्व स्थिति और भीड़ प्रबंधन में प्रशासन की विफलता के कारण भीषण भगदड़ मची, जिसने 11 लोगों की जान ले ली।

प्रतिबंध और जांच समितियों की रिपोर्ट

हादसे के तुरंत बाद, आलोचनाओं से घिरी राज्य सरकार ने स्टेडियम में क्रिकेट मैचों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरेलू ‘विजय हजारे ट्रॉफी’ को भी बंद दरवाजों के पीछे (बिना दर्शकों के) आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई।

  • विशेषज्ञ समिति के निष्कर्ष: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के प्रमुख एम. महेश्वर राव के नेतृत्व में गठित एक विशेषज्ञ समिति ने पाया कि स्टेडियम का संचालन करने वाले कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी।

  • कुन्हा आयोग की रिपोर्ट: जॉन माइकल कुन्हा आयोग ने स्टेडियम में सुरक्षा उपायों को लागू न करने पर चिंता व्यक्त की और भविष्य में “किसी भी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम” के आयोजन पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।

बदलाव की बयार और क्रिकेट की वापसी

स्टेडियम के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने केएससीए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। उनके नेतृत्व में, केएससीए ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया है कि कुन्हा आयोग द्वारा अनुशंसित सभी सुरक्षा सावधानियों को चरणबद्ध तरीके से सख्ती से लागू किया जाएगा।

इस वादे के बाद ही सरकार ने आईपीएल मैचों के लिए सशर्त मंजूरी दी है। चूंकि आरसीबी वर्तमान डिफेंडिंग चैंपियन है, इसलिए प्रबल संभावना है कि इस सीजन का उद्घाटन मैच इसी 33,000 की क्षमता वाले ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा।

स्टेडियम के स्थान परिवर्तन पर बहस और निर्णय

इस त्रासदी ने सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) क्षेत्र से बड़े खेल आयोजनों को शहर के बाहर स्थानांतरित करने की एक लंबी बहस को जन्म दे दिया था। सीबीडी में राज्य विधानमंडल के 2 किलोमीटर के दायरे में चिन्नास्वामी स्टेडियम, बैंगलोर गोल्फ क्लब, बैंगलोर टर्फ क्लब और कांतीरावा इंडोर स्टेडियम स्थित हैं, जिससे अक्सर भारी ट्रैफिक और भीड़-भाड़ की स्थिति पैदा होती है।

  • नए प्रस्ताव: पिछले आठ महीनों में, विभिन्न विकास प्राधिकरणों (BDA, KHB, GBDA) ने शहर के बाहरी इलाके में नए क्रिकेट स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव दिए थे। हालांकि, इन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की भारी कमी एक बड़ी बाधा थी।

  • अंतिम फैसला: विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि वानखेड़े (मुंबई), ईडन गार्डन्स (कोलकाता) और एमए चिदंबरम (चेन्नई) जैसे प्रतिष्ठित स्टेडियम भी शहरों के मध्य में ही स्थित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने फैसला किया है कि एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम अपने वर्तमान स्थान पर ही रहेगा। (हालाँकि, बैंगलोर टर्फ क्लब से रेसिंग गतिविधियों को शहर के बाहरी इलाके कुनिगल में स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है)।

न्याय की प्रतीक्षा और कानूनी स्थिति

प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सरकार का रवैया सवालों के घेरे में रहा है। कुन्हा आयोग का दायरा केवल स्टेडियम के भीतर की घटनाओं तक सीमित रखा गया, जिससे पूरी प्रशासनिक विफलता की समग्र जांच नहीं हो सकी। तत्कालीन सिटी कमिश्नर को निलंबित करना और मुख्यमंत्री द्वारा अपने राजनीतिक सचिव को बर्खास्त करना अप्रत्यक्ष रूप से विफलता की स्वीकृति माना गया।

वर्तमान में कानूनी स्थिति इस प्रकार है:

  • आरसीबी प्रबंधन, जश्न के इवेंट मैनेजरों और केएससीए के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कर्नाटक उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।

  • अदालत ने राज्य पुलिस को पूर्व अनुमति के बिना मामले में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने से रोक दिया है।

  • भगदड़ के बाद निलंबित किए गए पांच पुलिस अधिकारियों को अब बहाल कर दिया गया है।

जैसे-जैसे शहर सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और क्रिकेट का एक नया सीज़न दस्तक दे रहा है, उन 11 प्रशंसकों के परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं, जो सिर्फ अपनी पसंदीदा टीम की जीत का जश्न मनाने घर से निकले थे।

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