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टी20 वर्ल्ड कप से ऑस्ट्रेलिया की शर्मनाक विदाई के बाद कोच पर बरसे दिग्गज

टी20 वर्ल्ड कप से ऑस्ट्रेलिया की शर्मनाक विदाई के बाद कोच पर बरसे दिग्गज

टी20 विश्व कप: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में ‘महाप्रलय’: फ्लॉप होने के बाद निराश ऑस्ट्रेलिया को कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है; क्या अब होगा बड़े बदलावों का आगाज?

सिडनी/मेलबर्न:
टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के शर्मनाक प्रदर्शन ने न केवल प्रशंसकों को हतप्रभ कर दिया है, बल्कि क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। 2021 की चैंपियन रही कंगारू टीम 2009 के बाद पहली बार ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई है। जहाँ एक ओर मुख्य कोच एंड्रयू मैक्डोनाल्ड अपनी टीम के चयन का बचाव कर रहे हैं, वहीं क्रिकेट के दिग्गज और आंकड़े यह गवाही दे रहे हैं कि अब ऑस्ट्रेलियाई टी20 टीम को बड़े ‘पुनर्निर्माण’ (Rebuilding) की तत्काल आवश्यकता है।

कोच के दावों और मैदान की हकीकत में भारी अंतर

कोच एंड्रयू मैक्डोनाल्ड अभी भी इस बात पर अडिग हैं कि उनकी टीम में शामिल खिलाड़ी खिताब जीतने के लिए पर्याप्त थे। उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट की तैयारी और हमारी बल्लेबाजी-गेंदबाजी का संतुलन ऐसा था कि हमें खुद पर पूरा भरोसा था। हमारे खिलाड़ी इस बात से निराश हैं कि वे आगे नहीं बढ़ पाए, लेकिन हमें इस तथ्य को स्वीकार करना होगा।”

हालांकि, आलोचकों का मानना है कि कोच की यह ‘जिद’ टीम के भविष्य के लिए घातक हो सकती है, खासकर तब जब 2028 के अगले विश्व कप की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को संयुक्त रूप से करनी है।

दिग्गजों का प्रहार: ‘खत्म हो गई है ऑस्ट्रेलियाई टीम की आभा’

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने टीम की कड़क आलोचना करते हुए इसे एक ‘कमजोर’ टीम करार दिया। उन्होंने पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड और मिशेल स्टार्क की अनुपस्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, “अचानक उस ऑस्ट्रेलियाई टीम की आभा (Aura) अब वैसी नहीं रह गई है जैसी पहले हुआ करती थी। विपक्षी टीमें अब हमसे डरती नहीं हैं। दुर्भाग्य से, इस नतीजे पर मुझे कोई आश्चर्य नहीं है।”

वहीं, पूर्व चयनकर्ता मार्क वॉ ने टीम चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को यह समझ ही नहीं आया कि कौन फॉर्म में है और कौन नहीं। उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल, कैमरून ग्रीन और कूपर कोनोली जैसे खिलाड़ियों की खराब फॉर्म के बावजूद उन्हें खिलाए जाने पर दुख व्यक्त किया।

शर्मनाक आंकड़ों ने खोली पोल

ऑस्ट्रेलिया के पतन की स्क्रिप्ट टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही लिखी जा चुकी थी। वॉर्म-अप मैचों में पाकिस्तान के खिलाफ मिली 22, 90 और 111 रनों की करारी हार ने खतरे की घंटी बजा दी थी। 111 रनों की हार ऑस्ट्रेलिया के टी20 इतिहास की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार थी। इसके बावजूद कप्तान मिशेल मार्श ने कहा था कि ‘कोई तनाव नहीं है’, लेकिन जिम्बाब्वे और श्रीलंका से हारकर बाहर होने के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक ‘ध्वस्त समूह’ (Devastated Group) है।

चयनकर्ताओं पर उठे सवाल: स्मिथ और रेनशॉ की अनदेखी पड़ी भारी

चयनकर्ता जॉर्ज बेली, एंड्रयू मैक्डोनाल्ड और टोनी डोडेमाइड अब तीखी आलोचनाओं के घेरे में हैं। विशेष रूप से:

  • फॉर्म में चल रहे मैट रेनशॉ को श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण मैच से बाहर रखना।

  • अनुभवी स्टीव स्मिथ को बेंच पर बिठाए रखना।

  • लगातार फ्लॉप हो रहे ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन और युवा कूपर कोनोली पर जरूरत से ज्यादा भरोसा दिखाना।

भविष्य की चुनौती: बूढ़ी होती टीम और खाली कैलेंडर

ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे बड़ी चिंता उसकी उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वर्तमान टीम में केवल तीन खिलाड़ी—कैमरून ग्रीन, कूपर कोनोली और ज़ेवियर बार्टलेट—ही 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। मिशेल स्टार्क पहले ही इस प्रारूप को छोड़ चुके हैं, जबकि मैक्सवेल, स्टोइनिस और हेज़लवुड जैसे दिग्गजों के भविष्य पर तलवार लटकी है।

कोच मैक्डोनाल्ड ने स्वीकार किया कि अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया का टी20 कार्यक्रम काफी हल्का है। बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली छोटी सीरीज के अलावा उनके पास नई टीम तैयार करने के सीमित अवसर होंगे।

निष्कर्ष:
ऑस्ट्रेलियाई टीम जैसे ही स्वदेश लौटेगी, इस शर्मनाक प्रदर्शन की ‘फोरेंसिक समीक्षा’ (Forensic Review) शुरू होगी। 2028 की मेजबानी से पहले, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को यह तय करना होगा कि क्या वे उन्हीं पुराने चेहरों के साथ आगे बढ़ेंगे या एक नई और युवा पीढ़ी को कमान सौंपेंगे।


प्रकाशित: 22 फरवरी, 2026 | 12:20 PM IST

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