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क्या आपका 10 साल का बच्चा बिस्तर गीला करता है? अब चिंता न करें, ये असरदार घरेलू नुस्खा करेगा कमाल.

Kids Bedwetting Problem
कई माता-पिता ऐसे होते हैं जिनके बच्चे बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। इस समस्या से कई लोग जूझ रहे होंगे. बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या काफी चिंता और शर्मिंदगी का कारण बन जाती है। अक्सर ऐसा होता है कि दवाइयां भी काम नहीं करतीं, लेकिन आपकी समस्या का समाधान आपके किचन में ही मौजूद होता है। आपको बता दें कि हल्दी वाला दूध किसी वरदान से कम नहीं है। यह पुराना नुस्खा न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है बल्कि बच्चों में पेशाब नियंत्रण को बेहतर बनाने में भी चमत्कारी असर दिखाता है। अगर आपका बच्चा सोते समय बिस्तर में पेशाब कर देता है तो एक बार इस उपाय को जरूर आजमाएं। यह नुस्खा पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। आइए हम आपको इसे बनाने की विधि और फायदे बताते हैं।
बिस्तर गीला करने की समस्या के लिए हल्दी वाला दूध
आपको बस उबलते दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलानी है और अपने शरीर में बदलाव लाना है, जिससे बच्चों में रात को सोते समय पेशाब करने की समस्या से बचा जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि यह कैसे काम करता है।
मूत्राशय की मांसपेशियों की मजबूती
खासतौर पर हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मूत्राशय की मांसपेशियों को आंतरिक रूप से मजबूत करते हैं, जिससे बच्चे को लंबे समय तक पेशाब रोकने में मदद मिलती है।
बॉडी की गर्मी
आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में अत्यधिक ठंड बढ़ जाती है, तो बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। हल्दी की प्रकृति गर्म मानी जाती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करती है। इससे शरीर का संतुलन बना रहता है और बार-बार पेशाब आने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
तंत्रिका तंत्र को शांत करें
विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को शांत करती है। जब कोई बच्चा गहरी और तनावमुक्त होकर सोता है, तो उसका मस्तिष्क शरीर के संकेतों को बेहतर ढंग से समझ पाता है।
पाचन क्रिया बेहतर होती है
खराब पाचन क्रिया भी कई बार रात में परेशानी का कारण बनती है। हल्दी पेट को साफ रखने में मदद करती है. इससे रात के समय शरीर भी रिलैक्स रहता है।
हल्दी दूध की सामग्री
– 1 कप गुनगुना दूध
– 1/4 चम्मच शुद्ध हल्दी
हल्दी वाला दूध कैसे बनाये
– एक पैन में दूध डालकर उबाल लें.
– अब उबलते दूध में थोड़ी सी हल्दी डालें.
हल्दी वाला दूध पीने का सही समय
रात को सोने से ठीक पहले इसे बच्चों को न दें। सोने से कम से कम 3 घंटे पहले बच्चे को हल्दी वाला दूध दें। क्योंकि सोने से ठीक पहले तरल पदार्थ देने से मूत्राशय भर सकता है, इसलिए 3 घंटे का अंतराल देना जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
– अपने बच्चे को रात में सोने से पहले टॉयलेट जाने की आदत डालें।
– शाम के बाद बच्चे को कैफीन या ज्यादा मीठी चीजें न दें।
इस समस्या को दूर करने के लिए हल्का व्यायाम और योग करना भी बहुत जरूरी है।
सावधानी
आमतौर पर यह एक घरेलू उपचार है, इसलिए इसके परिणाम हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या बच्चे को किसी तरह का संक्रमण महसूस हो रहा है तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।

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