धर्म

ॐ नमः शिवाय जप नियम: सोमवार के दिन ऐसे करें ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप, भोलेनाथ प्रसन्न होकर देंगे वरदान.

Om Namah Shivaya Chanting Rules
हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। इस दिन भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। सोमवार के दिन ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व है। इससे व्यक्ति को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति को जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। लेकिन भगवान शिव के इस मंत्र का जाप करने से पहले व्यक्ति को कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का विधिपूर्वक जाप करने से व्यक्ति को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको इस लेख के माध्यम से भगवान शिव के मंत्र जाप की विधि और नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

जप करने का सर्वोत्तम समय

दरअसल, भगवान शिव के मंत्रों का जाप किसी भी समय किया जा सकता है। लेकिन दिन में एक समय ऐसा भी होता है जब व्यक्ति को भोलेनाथ के मंत्र का जाप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार ‘ओम नम: शिवाय’ मंत्र का जाप ब्रह्म मुहूर्त में करना चाहिए। प्रातः 04 बजे से प्रातः 05:30 बजे तक का समय ब्रह्म मुहूर्त है। इस दौरान मंत्र जाप करने से भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए अपनी इच्छा को ध्यान में रखें और इस मंत्र का 108 बार जाप करें। इस दौरान वातावरण सबसे अधिक शांत, पवित्र और शक्तिशाली होता है। अगर सुबह के समय मंत्र का जाप करना संभव न हो तो आप शाम के समय भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

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शाम को कैसे करें जप

आप भगवान शिव के मंदिर में जाकर किसी शांत स्थान पर बैठकर ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। लेकिन उससे पहले आपका मन शांत होना चाहिए और आपके मन में किसी भी तरह का विचार नहीं होना चाहिए। शांत मन से श्रद्धापूर्वक भगवान शिव के मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति का अनुभव होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मंत्र जाप के प्रभाव से व्यक्ति को जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

किस दिशा में बैठकर जप करें?

भगवान भोलेनाथ के मंत्र का जाप करने के लिए सही दिशा में बैठना जरूरी है। इसके लिए ऐसी जगह का चयन करें जो सूर्योदय के समय शांत हो। फिर उस स्थान पर एक आसन बिछाकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। शाम के समय शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाएं और बैठकर ‘ओम नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही साथ इंसान को परेशानियों से मुक्ति मिल सकती हैं। इस मंत्र के प्रभाव से जीवन में सफलता के रास्ते खुल सकते हैं।

मंत्र का जाप कैसे करें?

सोमवार के दिन सुबह जल्दी स्नान करने के बाद हल्के रंग के कपड़े जैसे सफेद या हल्का नीला आदि पहनें। इसके बाद शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाएं। फिर घी का दीपक जलाएं और फिर उत्तर दिशा में बैठकर मन को शांत रखें और मंत्र का जाप शुरू करें। इसके लिए 108 दानों वाली रुद्राक्ष की माला का प्रयोग सर्वोत्तम माना जाता है। ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए। ऐसा कम से कम 11 सोमवार तक करें। इससे आपकी मनोकामना अवश्य पूरी हो सकती है.

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