पंजाब

हरियाणा के 12 जिलों का भूजल स्तर 1 मीटर से अधिक बढ़ा

हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि राज्य ने जल शक्ति अभियान-2023 को लागू करने में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है क्योंकि वर्षा जल संरक्षण पहल के बाद 12 जिलों में भूजल स्तर में वृद्धि हुई है।

मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने कहा कि ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2024’ के तहत 65,000 से अधिक वर्षा जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों (डीसी) के साथ ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2024’ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, ‘‘इस अभियान के कारण 2023 में 12 जिलों में जल स्तर लगभग 1.3 मीटर, 2022 में 19 जिलों में 0.58 मीटर और 2021 में सात जिलों में 0.57 मीटर बढ़ा है।’’

उन्होंने कहा, “‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के परिणाम बेहद प्रभावशाली रहे हैं। भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने की पहल के तहत राज्य भर में 65,000 से अधिक वर्षा जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है।”

मुख्य सचिव ने बताया कि 18,104 जलाशयों को जियो-टैग किया गया है, 852 जलाशयों का जीर्णोद्धार किया गया है और 1,152 जलाशयों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अभियान के तहत 40,000 से अधिक पुन: उपयोग और पुनर्भरण संरचनाओं, 10,000 वाटरशेड विकास संरचनाओं का निर्माण और 3.5 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों और आम जनता के बीच जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए लगभग 70,000 प्रशिक्षण कार्यक्रम और किसान मेले आयोजित किए गए हैं। सभी जिलों में जल संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जिला-विशिष्ट जल संरक्षण योजनाएँ विकसित की गई हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि 10 चिन्हित जिलों (जींद, फतेहाबाद, सिरसा, कुरुक्षेत्र, पानीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, कैथल, गुरुग्राम और फरीदाबाद) के झरना क्षेत्रों में वैज्ञानिक वनरोपण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी भवनों और वन भूमि पर वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना सुनिश्चित करें और जहां भी तकनीकी रूप से संभव हो, जल स्रोतों में सुधार करें।

खेल एवं युवा मामले विभाग ‘मेरा युवा भारत’ स्वयंसेवकों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएगा तथा वन एवं वन्य जीव एवं पर्यावरण विभाग जल संरक्षण पर ध्यान केन्द्रित करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के बीच जल-दूत अभियान को बढ़ावा देगा, जबकि ग्रामीण विकास विभाग जल संरक्षण प्रयासों में स्वयं सहायता समूहों को शामिल कर उनकी क्षमता बढ़ाएगा।

प्रसाद ने ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2024’ की सफलता सुनिश्चित करने और इसके कार्यान्वयन को बढ़ाने के लिए जिलों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों से एकीकृत प्रयास का आह्वान किया।

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