धर्म

वास्तु टिप्स: घर के मंदिर में गुरु और भगवान की तस्वीर एक साथ रखना सही है या गलत, जानें क्या कहता है वास्तु

वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। ताकि कोई वास्तु दोष न रहे। वास्तु में यह भी बताया गया है कि घर के मंदिर में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं। जैसे घर के मंदिर में देवी-देवताओं की कितनी और कैसी मूर्तियां रखनी चाहिए, घर का मंदिर किस दिशा में होना चाहिए। कुछ लोग घर के मंदिर में भगवान की मूर्ति के साथ गुरु की फोटो भी रखते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या ऐसा करना सही है।

घर के मंदिर में गुरु और भगवान की फोटो एक साथ रखें

हिंदू धर्म में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना जाता है। गुरु को ज्ञान का दाता और ईश्वर तक पहुँचने का मार्गदर्शक कहा जाता है। पुराणों में भी गुरु को ईश्वर का साकार रूप बताया गया है। इसलिए जब भी आप घर के मंदिर में गुरु की तस्वीर रखते हैं तो इससे पता चलता है कि आप गुरु के साथ भगवान के समान ही आदर और श्रद्धा रखते हैं। ऐसे में घर के मंदिर में गुरु और भगवान की फोटो एक साथ रखना शुभ होता है।

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आपको बता दें कि गुरु हमें आध्यात्मिक ज्ञान देते हैं और ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता बताते हैं। मंदिर भक्ति और ज्ञान का केंद्र है। घर के मंदिर में गुरु और भगवान की तस्वीर एक साथ रखने से ज्ञान और भक्ति दोनों का माहौल बनता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इससे हमें गुरु और भगवान दोनों का आशीर्वाद मिलता है। घर के मंदिर में गुरु और भगवान दोनों की तस्वीर एक साथ रखने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मकता और शुभता आती है।
ऐसा माना जाता है कि घर के मंदिर में गुरु और भगवान दोनों की एक साथ मूर्ति होने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। परिवार के सदस्य समस्याओं से निकलने के लिए स्वत: ही समाधान ढूंढ लेते हैं। घर के मंदिर में गुरु और भगवान की फोटो एक साथ रखने के कुछ नियम हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। इन नियमों को ध्यान में रखने से ही यह शुभ सूचक साबित होगा, अन्यथा घर में इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
घर के मंदिर में भगवान की तस्वीर या मूर्ति को हमेशा गुरु की तस्वीर से थोड़ा ऊपर रखें। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरु हमें ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं। लेकिन ईश्वर स्वयं परम सत्ता है और यह सम्मान का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार घर के मंदिर में गुरु की तस्वीर भगवान के दाहिनी ओर रखना शुभ माना जाता है। सही दिशा पुरुष तत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। इस तरह फोटो रखने से व्यक्ति की प्रसिद्धि और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।

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