📅 Monday, February 16, 2026 🌡️ Live Updates
धर्म

हरसिद्धि माता शक्तिपीठ: उज्जैन के 51 शक्तिपीठों में से एक हरसिद्धि माता का दिव्य दरबार, जहां होती है मनोकामनाएं पूरी।

Harsiddhi Mata Shaktipeeth
भारत की धरती पर शक्ति की आराधना का अपना विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां शक्ति के 51 शक्तिपीठ हैं। जिनमें से एक है उज्जैन में स्थित हरसिद्धि माता मंदिर। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। बल्कि यहां की आस्था और भक्ति से जुड़ी अनगिनत कहानियां भी इसे खास बनाती हैं। शिप्रा के तट पर स्थित इस मंदिर में हर समय भक्तों की भीड़ लगी रहती है। लेकिन नवरात्रि के अवसर पर यहां का माहौल अद्भुत और अलौकिक हो जाता है। तो आइए जानते हैं मां हरसिद्धि मंदिर से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में…

पौराणिक मान्यता

धार्मिक मान्यता है कि जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती का शव लेकर ब्रह्मांड में घूम रहे थे। तब श्रीहरि विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के अंगों को काट डाला था। जहां-जहां माता सती के शरीर के अंग गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हो गये। उन्हीं पवित्र स्थानों में से एक है उज्जैन का हरसिद्धि माता मंदिर। मान्यता है कि यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। जिसके कारण यह स्थान शक्ति उपासना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।

यह भी पढ़ें: ज्ञान गंगा: रामचरितमानस- जानिए भाग 42 में क्या हुआ?

महत्व एवं प्रकृति

हरसिद्धि माता मंदिर प्राचीन वास्तुकला का एक बहुत ही सुंदर उदाहरण है। गर्भगृह में मौजूद मां हरसिद्धि की प्रतिमा अत्यंत भव्य और दिव्य है। यहां मां अन्नपूर्णा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर परिसर में स्थित दो विशाल दीप स्तंभ इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। नवरात्रि के अवसर पर जब इन दीप स्तंभों में सैकड़ों दीपक जलाए जाते हैं तो वह दृश्य एक स्वर्गीय प्रतीक होता है। धार्मिक मान्यता है कि मां हरसिद्धि स्वयं उज्जैन शहर की रक्षा करती हैं। इस मंदिर में विक्रमादित्य और अन्य प्राचीन शासकों ने पूजा की है। ऐसा माना जाता है कि राजा विक्रमादित्य ने मां हरसिद्धि की पूजा करके ही अद्वितीय उपलब्धि हासिल की थी।

नवरात्रि में विशेष पूजा

नवरात्रि के अवसर पर हरसिद्धि माता मंदिर का महत्व बढ़ जाता है। इन 9 दिनों के दौरान, भक्त सुबह और शाम को विशेष पूजा करते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और देवी को भोग लगाते हैं। गरबा और दुर्गा आरती की गूंज से पूरा माहौल और भी भक्तिमय हो जाता है. यहां विशेष रूप से कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्रि के मौके पर मां का विशेष श्रृंगार किया जाता है. मां हरसिद्धि को लाल वस्त्र, सोने के आभूषण और फूलों से सजाया गया है. भव्य आरती और दीपों की रोशनी से पूरा परिसर अलौकिक हो जाता है। नवरात्रि में मां हरसिद्धि की पूजा करने से व्यक्ति को धन, वैभव, शक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

धार्मिक आस्था

स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि मां हरसिद्धि भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। पारिवारिक सुख, व्यापार में उन्नति, संतान सुख और जीवन की परेशानियों से मुक्ति के लिए भक्त यहां माथा टेकते हैं। ऐसा माना जाता है कि उज्जैन की महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक भक्त हरसिद्धि माता के दर्शन नहीं कर लेते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Link Copied!