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धर्म

जया एकादशी 2026: जया एकादशी पर ये खास उपाय देगा ‘जीत’ का आशीर्वाद, खुल जाएंगे किस्मत के दरवाजे

Jaya Ekadashi 2026

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। साल में कुल 24 तिथियां होती हैं और हर महीने में दो बार एकादशी आती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल जया एकादशी 29 जनवरी को मनाई जाएगी. जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, इस एकादशी व्रत को करने से जीवन के हर क्षेत्र में ‘विजय’ मिलती है। धर्म शास्त्रों में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी भक्त इस दिन पूजा करता है उसे प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाती है, लेकिन इस एकादशी का एक और चमत्कारी पहलू है मां गंगा की पूजा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि इस दिन (जया एकादशी 2026) श्रद्धापूर्वक मां गंगा के 108 नामों का जाप किया जाए तो व्यक्ति की किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल जाते हैं। आइए आपको बताते हैं इन 108 नामों के बारे में-

..मां गंगा के 108 नाम.

– ॐ गंगायै नमः

– ॐ त्रिपथगदेवायै नमः

– ॐ शंभूमौलिविहारिन्य नमः

– ॐ जाह्नव्य नमः

– ॐ पापाहंत्र्यै नमः

– ॐ महापतकानासिन्यै नमः

– ॐ पतितोधारण्यै नमः

– ॐ स्त्रोत स्वात्यै नमः

– ॐ परमवेगिन्यै नमः

– ॐ विष्णुपदब्जसंभूतायै नमः

– ॐ विष्णुदेहकृताल्यै नमः

– ॐ स्वर्गाबधिनिलयै नमः

– ॐ साध्यै नमः

– ॐ स्वर्णाद्या नमः

– ॐ सुरनिम्नगायै नमः

– ॐ मंदाकिनीयै नमः

– ॐ महावेगायै नमः

– ॐ स्वर्णश्रृंगप्रभेद्यै नमः

– ॐ देवपूज्यात्मयै नमः

– ॐ पुण्यायै नमः

– ॐ परमह्लद्दयै नमः

– ॐ पार्वत्यै नमः

– ॐ शिवपतन्यै नमः

– ॐ शिवशीर्षगतलयै नमः

– ॐ शम्भोरजता मध्यगताय नमः

– ॐ निर्मल्यै नमः

– ॐ निर्मलन्नाय नमः

– ॐ महाकुश्शांत्र्यै नमः

– ॐ जाह्नुपुत्र्यै नमः

– ॐ जगतप्रियायै नमः

– ॐ त्रैलोक्यपवण्यै नमः

– ॐ पूर्णायै नमः

– ॐ पूर्णब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः

– ॐ जगत्पूज्यतमायै नमः

– ॐ चारुरुपिन्यै नमः

– ॐ जगदम्बिकायै नमः

– ॐ लोकानुग्रहकर्त्र्यै नमः

– ॐ सर्वलोकदायपर्यै नमः

– ॐ यम्यभितिहरायै नमः

– ॐ तारायै नमः

– ॐ परायै नमः

– ॐ दिव्यायै नमः

– ॐ दिव्यस्थाननिवासिन्यै नमः

– ॐ सुचारुनिरुचिरायै नमः

– ॐ महापर्वतभेदिन्यै नमः

– ॐ भगीरथ्यै नमः

– ॐ भगवतयै नमः

– ॐ महामोक्षप्रदायिन्य नमः

– ॐ सिन्धुसंगतायै नमः

– ॐ शुद्धायै नमः

– ॐ त्रिनयनाय नमः

– ॐ त्रिलोचनमनोरमयै नमः

– ॐ सप्तधारायै नमः

– ॐ शतमुखायै नमः

– ॐ सागरनव्यतारिण्यै नमः

– ॐ मुनिसेव्यै नमः

– ॐ तेजस्विन्यै नमः

– ॐ मुनिसुतायै नमः

– ॐ शिववल्लभायै नमः

– ॐ जाह्नुजनुप्रभेद्यै नमः

– ॐ मकरस्थायै नमः

– ॐ सर्वगतायै नमः

– ॐ सर्वशुभनिवारिण्य नमः

– ॐ सुदृष्याय नमः

– ॐ चक्षुषित्रिप्तिदायिन्यै नमः

– ॐ मकरालयै नमः

– ॐ सदानन्दमैयै नमः

– ॐ नित्यानन्ददायै नमः

– ॐ सर्वदेवाधिदेवैः परिपूज्यपदम्बुजयै नमः

– ॐ रसातलनिवासिन्यै नमः

– ॐ महाभोगायै नमः

– ॐ भोगवत्यै नमः

– ॐ पितृसंतरप्तिदायिन्यै नमः

– ॐ शिवसायुज्यदायिन्य नमः

– ॐ शिवदायै नमः

– ॐ सर्वायै नमः

– ॐ चतुर्वेदामयै नमः

– ॐ सुभगानन्ददायिन्य नमः

– ॐ महापापहारायै नमः

– ॐ संसरातरिण्यै नमः

– ॐ ब्रह्माण्डभेदिन्यै नमः

– ॐ ब्रह्मकमण्डलुकृतालयाय नमः

– ॐ सौभाग्यदायिन्यै नमः

– ॐ पुंसम निर्वाणपाददायिन्य नमः

– ॐ अचिन्त्यचरितायै नमः

– ॐ चारुरुचिरातिमनोहरायै नमः

– ॐ मर्त्यस्थायै नमः

– ॐ मृत्युभायै नमः

– ॐ स्वर्गमोक्षप्रदायिन्य नमः

– ॐ पापापहारिन्य नमः

– ॐ दूर्चारिण्यै नमः

– ॐ वीचिधारण्यै नमः

– ॐ करुण्यपूर्णायै नमः

– ॐ करुणामयाय नमः

– ॐ दुरित्नशिन्यै नमः

– ॐ गिरिराजसुतायै नमः

– ॐ गौरीभगिन्यै नमः

– ॐ गिरीशप्रियायै नमः

– ॐ मेनकागर्भसंभूतायै नमः

– ॐ मैनाकभगिनीप्रियायै नमः

– ॐ आद्यै नमः

– ॐ त्रिलोकजनन्यायै नमः

– ॐ त्रैलोक्यपरिपालिन्यै नमः

– ॐ तीर्थ श्रेष्ठमयै नमः

– ॐ श्रेष्ठायै नमः

– ॐ सर्वतीर्थमैयै नमः

– ॐ शुभायै नमः

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