धर्म

श्री कृष्ण मंत्र: प्रेमानंद महाराज ने बताया कृष्ण का सबसे शक्तिशाली मंत्र, 21 दिन में दूर हो जाएंगे जीवन के सभी कष्ट

Shri Krishna Mantra

भगवान कृष्ण के कई शक्तिशाली मंत्र हैं, जिनका जाप करने से व्यक्ति के जीवन से परेशानियां दूर हो जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मंत्र ऐसा भी है जिसका अगर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ लगातार जाप और नियमों का पालन किया जाए तो 21 दिन में ही आपको शुभ फल मिल सकता है। ये बात खुद वृन्दावन के प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं.

उन्होंने यह भी बताया है कि भगवान कृष्ण के इस मंत्र का जाप करते समय मन में केवल श्री कृष्ण और राधा रानी का ही स्मरण करना चाहिए। आपके मन में और कोई बात नहीं आनी चाहिए. यह मंत्र जितना प्रभावशाली है उतना ही कठिन भी माना जाता है। तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि यह मंत्र क्या है और इसके जाप से क्या फायदे होते हैं।

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शक्तिशाली मंत्र और उसके लाभ

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, ‘ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।’ यह भगवान श्री कृष्ण का सबसे शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र में भगवान कृष्ण के चार मुख्य नामों कृष्ण, वासुदेव, हरि और परमात्मा का एक साथ आह्वान किया जाता है। जिससे इस मंत्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

भगवान श्री कृष्ण के इस मंत्र का अर्थ है- वासुदेव के पुत्र, भगवान कृष्ण, पापों और दुखों का नाश करने वाले और अपनी शरण में आने वाले भक्तों के सभी संकटों को नष्ट करने वाले परमात्मा। मैं गौ-पालक को बार-बार नमस्कार करता हूँ। इस मंत्र का नियमित जाप करने से कई लाभ देखने को मिलते हैं।

भगवान श्री कृष्ण के इस मंत्र का लगातार 21 दिनों तक जाप करने से मानसिक अशांति, चिंता और तनाव दूर हो जाता है। इस मंत्र का जाप करने से मन में गहरी शांति और स्थिरता का अनुभव होने लगता है। यह बेचैनी और भ्रम को दूर कर आत्मा को सीधे परमात्मा से जोड़ता है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति की आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।

जो व्यक्ति पारिवारिक परेशानियों, कलह या रिश्तों में तनाव का सामना कर रहा है, वह इस मंत्र के प्रभाव से अपने घर में प्यार, शांति और सद्भाव वापस ला सकता है। इस मंत्र के जाप के कुछ सरल नियम या विधियां हैं। इस मंत्र का जाप सुबह स्नान के बाद या शाम को गोधूलि बेला में किसी शांत और साफ जगह पर बैठकर करें।

आपको बता दें कि इस मंत्र का जाप तुलसी की माला से कम से कम 108 बार करना चाहिए। मंत्र जाप शुरू करने से पहले आपको भगवान श्रीकृष्ण से अपनी समस्या दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और पूरी श्रद्धा के साथ इसका जाप करना चाहिए। क्योंकि यह मंत्र सिर्फ जाप नहीं बल्कि भगवान कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना है, जो आपको दुखों से बचा सकती है।

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