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रोहित शेट्टी फायरिंग मामला: मुंबई कोर्ट का बड़ा फैसला, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों को तगड़ा झटका!

रोहित शेट्टी फायरिंग मामला: मुंबई कोर्ट का बड़ा फैसला, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों को तगड़ा झटका!

रोहित शेट्टी फायरिंग मामला अब कानूनी जांच के एक बेहद अहम और संवेदनशील चरण में पहुंच गया है। बॉलीवुड के मशहूर और ब्लॉकबस्टर फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आलीशान आवास पर हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल केस के मुख्य शूटर दीपक शर्मा और छह अन्य सह-आरोपियों की पुलिस हिरासत (रिमांड) 4 मार्च 2026 तक के लिए बढ़ा दी है।

इस घटना ने पूरी मुंबई और बॉलीवुड फिल्म उद्योग (Bollywood Industry) को झकझोर कर रख दिया था, जिसके बाद से ही मुंबई क्राइम ब्रांच और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। आइए, इस मामले की अदालती कार्यवाही और अब तक की जांच के विस्तृत पहलुओं पर नज़र डालते हैं।

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⚖️ पुलिस ने अदालत से क्यों मांगी अतिरिक्त रिमांड?

बुधवार को आरोपियों की पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने पर, उन्हें महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष (पुलिस) ने रिमांड को 10 दिन और बढ़ाने की पुरजोर मांग की। पुलिस ने अदालत के समक्ष निम्नलिखित ठोस कारण प्रस्तुत किए:

  • हथियारों की बरामदगी बाकी है: पुलिस ने स्पष्ट किया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियारों (Weapons) और गोला-बारूद की बरामदगी अभी तक पूरी नहीं हो सकी है, जिसके लिए आरोपियों से सघन पूछताछ आवश्यक है।

  • रेकी (टोह लेने) की विस्तृत जांच: आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले रोहित शेट्टी के आवास और उनकी गतिविधियों की बारीकी से रेकी (टोह) की थी। पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य स्थानीय मददगारों की पहचान करना चाहती है।

  • शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की नई धाराएं: अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया कि जांच की गंभीरता को देखते हुए अब इस मामले में शस्त्र अधिनियम की कुछ अतिरिक्त और सख्त धाराएं भी जोड़ दी गई हैं।

बचाव पक्ष के वकील दिलीप शुक्ला ने पुलिस की 10 दिन की रिमांड की मांग का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि न्याय के हित में पुलिस को कम दिनों की हिरासत दी जानी चाहिए। हालांकि, विशेष न्यायाधीश नवंदर ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद माना कि रोहित शेट्टी फायरिंग मामला की जांच का दायरा बहुत व्यापक है, इसलिए पुलिस को तहकीकात के लिए पर्याप्त समय दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।

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🔫 क्या है पूरा रोहित शेट्टी फायरिंग मामला? (घटना का घटनाक्रम)

  • घटना की तारीख और स्थान: 1 फरवरी 2026 को जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी की नौ मंजिला रिहायशी इमारत पर यह खौफनाक हमला हुआ था।

  • फायरिंग का विवरण: हमलावरों ने इमारत की पहली मंजिल को निशाना बनाते हुए कम से कम पांच राउंड गोलियां दागी थीं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक गोली सीधे इमारत के अंदर स्थित जिम के शीशे को भेदती हुई अंदर जा घुसी थी। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।

  • आरोपियों की गिरफ़्तारी: मुंबई पुलिस की विशेष टीमों ने 14 फरवरी को एक बड़े ऑपरेशन के तहत हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर मुख्य शूटर दीपक शर्मा सहित सभी आरोपियों को धर दबोचा था।


⚠️ लॉरेंस बिश्नोई गैंग और शुभम लोनकर का खौफनाक कनेक्शन

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खतरनाक मोड़ तब आया जब कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के एक सक्रिय सदस्य शुभम लोनकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस गोलीबारी की पूरी जिम्मेदारी ली।

शुभम लोनकर का नाम मुंबई पुलिस के लिए कोई नया नहीं है। वह एक बेहद वांछित (Wanted) और खतरनाक अपराधी है, जिसके तार मुंबई के कई अन्य हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों से जुड़े हुए हैं:

  1. बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: लोनकर एनसीपी (NCP) के कद्दावर नेता बाबा सिद्दीकी की निर्मम हत्या के मामले में भी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।

  2. सलमान खान आवास फायरिंग: इससे पहले बांद्रा स्थित बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी की घटना में भी शुभम लोनकर की संलिप्तता सामने आ चुकी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बॉलीवुड हस्तियों को लगातार निशाना बनाना मुंबई पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस अब दीपक शर्मा और अन्य आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग का अगला निशाना कौन था और इन्हें फंडिंग (पैसे और हथियार) कहां से मिल रही है।

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